नई दिल्ली. केपटाउन टेस्ट में बॉल टेम्परिंग विवाद का असर ऑस्ट्रेलियाई टीम के खेल पर साफ दिखा. इस विवाद की वजह से पहली पारी में 255 रन का टोटल खड़ा करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी पारी में ताश के पत्तों की तरह ढह गई. जीत के लिए मिले 430 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कंगारू बल्लेबाज साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरी पारी में सिर्फ 107 रन ही बना सके और केपटाउन टेस्ट 322 रन के बड़े अंतर से हार गए. केपटाउन टेस्ट में अफ्रीकी गेंदबाजों के आगे दूसरी पारी में स्मिथ एंड कंपनी 40 ओवर भी नहीं टिक सकी और चौथे दिन ही चारो खाने चित्त हो गई. इस बड़ी हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 1-2 से पिछड़ गई है. 1970 के बाद ये दूसरा मौका है जब साउथ अफ्रीकी टीम ने अपने घर में ऑस्ट्रेलिया को एक ही टेस्ट सीरीज में दो बार हराया है. Also Read - SA vs AUS: फिंच-वार्नर की साझेदारी से 97 रन से जीता ऑस्‍ट्रेलिया, 2-1 से नाम की सीरीज

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केपटाउन में मिली करारी हार के बाद ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक कप्तान टिम पेन माना कि उनकी टीम के लिए बॉल टेम्परिंग विवाद के बाद मैच पर फोकस करना मुश्किल था. पेन ने कहा, ” इसमें कोई शक नहीं ये हमारे लिए मुश्किल मैच था. लेकिन, हमने फिर भी तय किया कि हम इसमें कंपीट करेंगे जो हम नहीं कर सके और इसका हमें मलाल है. जिस तरह से हमारी बल्लेबाजी आखिरी घंटे में बिखर गई वो काफी निराशाजनक रहा. ये हमारे लिए वाकई डरावना टेस्ट था. ” Also Read - Vernon Philander complete 200 wickets test South Africa vs Australia Johannesburg | RECORD: '200 क्लब' में शामिल हुए वर्नोन फिलैंडर, ऐसा करने वाले दक्षिण अफ्रीका के 7वें गेंदबाज

57 तक नो लॉस, 107 पर ऑल आउट

न्यूलैंड्स की पिच पर ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी की. पहले विकेट के लिए डेविड वॉर्नर और कैमरून बेनक्रॉफ्ट के बीच 57 रन की साझेदारी हुई. लेकिन इस साझेदारी के टूटने के बाद ऑस्ट्रेलियाई विकेटों की लाइन सी लग गई. कंगारू बल्लेबाजों को एक के बाद एक आते-जाते देख ऐसा लगा जैसे उन पर कोई चीज हावी हो रही हो या फिर वो बल्लेबाजी ही भूल गए हों. केपटाउन में कंगारू टीम की बल्लेबाजी दूसरी पारी में कितनी खराब रही उसका अंदाज इस आंकड़े से लगाइए. ऑस्ट्रेलिया का स्कोर बिना कोई विकेट गंवाए 57 रन था लेकिन इसके बाद वो अपने स्कोर बोर्ड में सिर्फ 50 रन और जोड़कर ऑलआउट हो गई. किसी टीम के 50 रन से ज्यादा ओपनिंग पार्टनरशिप होने के बाद ये टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का चौथा सबसे कम स्कोर है.

मॉर्केल के ‘पंच’ ने बिगाड़ी सूरत

ऑस्ट्रेलियाई टीम की दूसरी पारी में सेंध अफ्रीकी कप्तान फैफ डू प्लेसिस ने बेनक्रॉफ्ट को रनआउट कर लगाई और इसके बाद बाकी काम उनके गेंदबाजों ने कर दिया. कंगारुओं का काम तमाम करने में सबसे अहम किरदार अपने करियर की आखिरी टेस्ट सीरीज खेल रहे मॉर्ने मॉर्केल ने निभाई. मॉर्केल ने दूसरी पारी में 5 कंगारू बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया. इसमें बॉल टेंपरिंग कांड के मास्टर माइंड स्टीवन स्मिथ का भी विकेट शामिल था. स्मिथ के अलावा मॉर्केल ने मिशेल मार्श, पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड को अपना शिकार बनाया. दूसरी पारी के इन 5 विकेटों के साथ मॉर्केल ने इस मैच में कुल 9 विकेट लिए, जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया. मॉर्केल ने पहली पारी में 4 विकेट चटकाए थे और इसी दौरान अपने टेस्ट करियर का 300वां शिकार भी किया था.

चाहकर भी वापसी में नाकाम

ऑस्ट्रेलिया के कार्यवाहक कप्तान टिम पेन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में मिली हार के बाद कहा कि, ” हमने मैच में वापसी की पूरी कोशिश की लेकिन नाकाम रहे. वैसे भी जब आप साउथ अफ्रीका जैसी बेहतरीन साइड के खिलाफ खेल रहे हो और आप मैच में बैकफुट पर हो तो फ्रंट फुट पर आना मुश्किल हो जाता है. ”

ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के बीच सीरीज का आखिरी टेस्ट शुक्रवार से जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा. इस टेस्ट में बॉल टेम्परिंग के बाद लगे बैन की वजह से स्टीव स्मिथ टीम का हिस्सा नहीं होंगे.