क्रिकेट की दुनिया हर दौर में किसी न किसी खास वजह से जानी-पहचानी गई है. हर दौर और हर सदी में कुछ ऐसे क्रिकेटर्स हुए हैं जिनकी वजह से उनकी टीम एक नए आयाम को छूती है. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम का वो खिलाड़ी जिसने अपनी लेग ब्रेक गेंद से स्पिन गेंदबाजी को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा दिया. एक ऐसा गेंदबाज जिसके खाते में ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ का नायाब तोहफा सांस लेता है. दुनिया का वो महानतम स्पिनर जिसने अपनी गेंदबाजी के सामने दुनिया के हर बल्लेबाज को घुटने पर लाकर खड़ा कर दिया. आज उसी ‘स्पिन के जादूगर’ का 51वां जन्मदिन है. कई रिकार्ड्स अपने नाम करने वाले इस खिलाड़ी को दुनिया शेन वार्न के नाम से जानती है.

शेन वार्न का जन्म 13 सितंबर 1969 को ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में हुआ था. इस ऑस्ट्रेलिआई स्पिनर के पहले भी और बाद में भी कई दिग्गज स्पिनर्स आए मगर पूरी दुनिया ने इसे ही ‘स्पिन का जादूगर’ की उपाधि से नवाजा. वार्न ने 21 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया और मैच दर मैच उन्होंने अपने प्रदर्शन से पूरी दुनिया में एक अलग मकाम बनाया. वॉर्न ने 145 टेस्ट खेलकर 708 विकेट हासिल किए. वह 700 टेस्ट विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी हैं. वहीं, 194 वनडे में उन्होंने 293 विकेट हासिल किए हैं. शेन वॉर्न के नाम बिना शतक के सबसे अधिक टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड भी है. उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 3154 रन बनाए हैं. ये सभी रिकार्ड्स एक खिलाड़ी के करियर को परिभाषित करने के लिए काफी है. भारत के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेलने वाले इस क्रिकेटर ने संन्यास लेने तक अपना राज कायम रखा.

बॉल ऑफ द सेंचुरी

1993 की एशेज सीरीज में वार्न ने इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज माइक गेटिंग को एक ऐसी गेंद पर बोल्ड कर दिया था जिसे देख पूरी दुनिया अचंभित हो गई थी. ये गेंद लेग स्टंप से काफी बाहर पिच होकर माइक गैटिंग का ऑफ स्टंप उड़ा ले गई थी और फिर ये पल क्रिकेट का एक ऐसा दस्तावेज बना जिसे हर पीढ़ी उलट कर देखती है और देखती रहेगी. इस कारनामे के बाद इस गेंद को ‘बॉल ऑफ द सेंचुरी’ से जाना गया.

एक रिकॉर्ड ऐसा भी

शेन वार्न के नाम यूं तो कई रिकार्ड्स है मगर ये एक ऐसा रिकॉर्ड है जो उनकी कौशलता पर रौशनी डालती है. वार्न दुनिया के सिर्फ दुसरे ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने 3 देशों के खिलाफ 100 से ज्यादा टेस्ट विकेट लिए हैं. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 195, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 130 और न्यूजीलैंड के खिलाफ 103 विकेट लेकर अपनी ‘जादूगर’ की उपाधि की गवाही दे दी थी. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट जनवरी 2007 में खेला था. इस रिकॉर्ड में श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुरलीधरन भी शामिल है जिन्होंने भारत, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 100 से ज्यादा विकेट लिए हैं.

ये कर दिखाने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे गेंदबाज है शेन वार्न

इस दिग्गज स्पिनर ने अपनी कलाई की क्षमता से मुरलीधरन के बाद टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने का भी कारनामा किया है. वार्न ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 1001 विकेट हासिल किए हैं जिसमें 708 विकेट टेस्ट के और 293 विकेट वनडे के शामिल है. वहीं मुरलीधरन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 1347 विकेट अपने नाम किए हैं जिसमें 800 टेस्ट विकेट शामिल है.

विवादों ने पीछा नहीं छोड़ा

शेन वार्न ने जितना अपने खेल से दुनिया को प्रभावित किया है उतना ही उनके विवादों ने उन्हें क्रिकेट जगत में निराश किया है. 1998 में वार्न पर बुकी को जानकारी देने के लिए जुर्माना लगाया था और 2003 के वर्ल्ड कप से कुछ दिन पहले वो प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन का दोषी पाए जाने पर एक साल के बैन के साथ क्रिकेट से दूर हुए थे. जाने-अनजाने में डोपिंग का शिकार हुए वार्न ने इन वजहों से बहुत कुछ झेला है.

संन्यास के बाद

जनवरी 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद शेन वॉर्न ने क्रिकेट खेलना बंद नहीं किया. कई प्रीमियर लीग का हिस्सा रहे वार्न ने उस प्रारूप में भी खूब नाम कमाए. राजस्थान रॉयल्स को अपनी कप्तानी में जीत दिलवा कर वार्न ने एक नया अध्याय शुरू कर दिया था. वो बाद में इसी टीम के कोच बने और फिलहाल वो इसी टीम में मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं.