नई दिल्ली. इस साल के शुरुआत में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन टेस्ट में बॉल टेम्परिंग को लेकर मचा बवाल तो भूले नहीं होंगे आप. उस बवाल ने इस कदर तूल पकड़ा था कि उसमें शामिल तीन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों कप्तान स्टीव स्मिथ, उप-कप्तान डेविड वॉर्नर और युवा कैमरून बेनक्रॉफ्ट पर बैन लगा दिया गया था. केपटाउन में हुए गेंद से छेड़-छाड़ के इस मसले ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को इतना गहरा धक्का दिया कि उसके बाद उसे पहली टेस्ट जीत के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा. ऑस्ट्रेलियाई टीम के जीत का ये इंतजार आकर खत्म हुआ पर्थ में भारत के खिलाफ खेले टेस्ट मैच में, जहां ऑस्ट्रेलिया ने टिम पेन की कमान में 146 रन की बड़ी जीत दर्ज की और 4 टेस्ट की सीरीज में 1-1 से बराबरी भी कर ली है. Also Read - IND vs ENG: पहले 2 टेस्ट के लिए टीम इंडिया का ऐलान, Ishant Sharma और Hardik Pandya की वापसी

हारने में भी बनाया रिकॉर्ड Also Read - IND vs ENG: आज होगा पहले दो टेस्‍ट की टीम का ऐलान, इन चोटिल क्रिकेटर्स के खेलने पर सस्‍पेंस

बहरहाल, बॉल टेम्परिंग जैसे बड़े बवाल के बाद ऑस्ट्रेलिया ने पहली टेस्ट जीत का स्वाद चखा तो वहीं भारत को ऐसी करारी हार से दो-चार होना पड़ा कि 4 साल पुराना रिकॉर्ड भी तार-तार हो गया. दरअसल, पर्थ टेस्ट में मिली हार साल 2018 में टीम इंडिया को विदेश में मिली 7वीं हार है, जो कि एक रिकॉर्ड है. इससे पहले भारत को विदेश में साल 2014 में 6 हार का सामना करना पड़ा था. Also Read - India vs Australia- अगर भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज ड्रॉ हुई तो यह पिछली हार से भी बुरी: Ricky Ponting

विराट ने की पटौदी की बराबरी

पर्थ टेस्ट में भारत को जीत के लिए 287 रन का लक्ष्य मिला था. लेकिन, इस लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम दूसरी पारी में 140 रन पर ढेर हो गई और 146 रन से मुकाबला गंवा बैठी. ये विराट कोहली की कप्तानी में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को मिली 9वीं टेस्ट हार है और इस मामले में उन्होंने सबसे ज्यादा टेस्ट गंवाने के भारत के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.