नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मोहाली में खेला गया चौथा सीरीज का चौथा वनडे रन और रोमांच से भरपूर रहा. मोहाली के मैदान और इस पर दोनों टीमों के इतिहास को देखते हुए जीत एक बार फिर से ऑस्ट्रेलिया और चेज करने वाली टीम की हुई. भारत से मिले 359 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 13 गेंद पहले ही 4 विकेट से बड़ी जीत दर्ज कर ली. कंगारुओं की जीत के बाद 5 वनडे मैचों की सीरीज 2-2 की बराबरी पर आ खड़ी हुई है.

ऑस्ट्रेलिया के कमाल से भारत बेहाल

मोहाली में मिली जीत ऑस्ट्रेलिया के लिए कई मायनों में खास है तो वहीं हार ने टीम इंडिया को बड़े दर्द से दो-चार कराया है. मोहाली की जीत ऑस्ट्रेलिया के लिए वनडे क्रिकेट इतिहास में रनों का पीछा करते हुए उसकी सबसे बड़ी जीत है. ऑस्ट्रेलिया ने 359 रन का टारगेट चेज किया जो कि भारत में भारत के खिलाफ किसी भी टीम का सबसे बड़ा रन चेज है. वनडे क्रिकेट के इतिहास का ये 5वां सबसे सफल चेज है. ये तो हुई मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के कमाल की बात अब एक नजर उस बड़ी घटना पर जिसका शिकार टीम इंडिया पहली बार बनी.

टीम इंडिया के साथ पहली बार ये गड़बड़

वनडे क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ है कि टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 350 प्लस का टोटल खड़ा किया और उसे हार मिली. मोहाली के पहले वो 23 बार ऐसा कर चुकी थी और हर बार फतह हासिल की थी. मोहाली की हार के बाद टीम इंडिया के साथ पिछले 6 सालों में ये भी पहली बार हुआ कि अपनी ही सरजमीं पर उसे एक ही सीरीज के लगातार 2 मुकाबलों में मुंह की खानी पड़ी. इससे पहले 2012-13 में जब पाकिस्तान की टीम ने भारत का दौरा किया था तब उसे घरेलू सीरीज के लगातार 2 मैच गंवाने पड़े थे.