नई दिल्ली. भारतीय कप्तान विराट कोहली के जिस विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया पिछले तीन सेशन से जूझ रहा था, वो बेशकीमती विकेट उसे सिर्फ 15 मिनट में मिल गया. हालांकि, इसके लिए ऑस्ट्रेलिया को छोटी गेंद का सहारा लिया. वो भी तब जब उसने विराट को कमर दर्द से जूझते देखा. छोटी गेंद से यहां मतलब उन शॉर्ट पिच डिलीवरी से है जिनका इस्तेमाल ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने दूसरे दिन के दूसरे सेशन के खेल में विराट का विकेट लेने के लिए किया. विराट जब आउट हुए तो उससे 15 मिनट पहले से ही ऑस्ट्रेलियाईयों ने उनके खिलाफ इस स्ट्रेटजी को अपनाया और हर ओवर में कम से कम एक शॉर्ट पिच यानी कि छोटी गेंद फेंकी. नतीजा ये हुआ कि आखिरकार मिचेल स्टार्क को विराट कोहली का विकेट लेने में सफलता मिल ही गई.

‘छोटी गेंद’ पर फंसे विराट

विराट के विकेट से 15 मिनट पहले से ऑस्ट्रेलिया ने करीब 4 शॉर्ट पिच गेंदे फेंकी. इनमें 3 पर तो बाजी विराट कोहली के नाम रही लेकिन चौथी गेंद को बाउंड्री पार करने के चक्कर में वो थर्डमैन पर फिंच के हाथों लपक लिए गए.

विराट की ‘कमर दर्द’ का उठाया फायदा

ऑस्ट्रेलिया ने विराट के खिलाफ छोटी गेंद स्ट्रेटजी पर काम करना तब शुरू किया जब उनकी कमर में खिंचाव आया. उन्हें शॉट खेलने में परेशानी होने लगी. इस दौरान टीम इंडिया के फीजियो भी उन्हें देखने के लिए मैदान पर आए. कंगारुओं ने विराट कोहली के इसी दर्द का फायदा उठाया और उनके खिलाफ शॉर्ट बॉल स्ट्रेटजी अपनाई.

एक कैलेंडर ईयर में जड़े 20 अर्धशतक

विराट ने 204 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौके की मदद से 82 रन बनाए. ये इस साल उनके बल्ले से निकला 20वां टेस्ट अर्धशतक है. एक कैलेंडर ईयर में 20 अर्धशतक लगाने वाले विराट टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सिर्फ 24वें बल्लेबाज हैं.

पुजारा के साथ तोड़ा 7 साल पुराना रिकॉर्ड

ऑस्ट्रेलिया की छोटी गेंद वाली स्ट्रेटजी में फंसने से पहले विराट ने पुजारा के साथ मिलकर MCG पर एक रिकॉर्ड को भी अंजाम दिया. विराट और पुजारा की जोड़ी तीसरे विकेट के लिए मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर सबसे ज्यादा रन की साझेदारी करने वाली भारतीय जोड़ी भी बन गई. इन दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 170 रन जोड़े. इससे पहले ये रिकॉर्ड सचिन और द्रविड़ के नाम था जो उन्होंने 2011 में बनाया था.