India vs Australia 2020/21:पीठ की सर्जरी के बाद हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) अब तक गेंदबाजी नहीं कर पा रहे लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने पहले वनडे में 76 गेंदों पर शानदार 90 रन की पारी खेली. पांड्या ने शुक्रवार को कहा कि वह तभी गेंदबाजी करेंगे जब समय सही होगा और साथ ही उन्होंने टीम से बहु प्रतिभा वाले अन्य खिलाड़ियों को तराशने का आग्रह किया.Also Read - केएल राहुल की कप्तानी की सबसे बड़ी परीक्षा होगी Ind vs SA टी20 सीरीज, हर कदम पर कड़ी निगरानी रखेगा बोर्ड

हार्दिक की गेंदबाजी नहीं करने से टीम का संतुलन प्रभावित हो रहा है और यह बात खुद कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने स्वीकार की. पांड्या ने 66 रन की हार के दौरान 76 गेंद में 90 रन की पारी खेली. उन्होंने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘मैं अपनी गेंदबाजी पर काम कर रहा हूं. मैं गेंदबाजी करूंगा, जब सही समय होगा.’ Also Read - हार्दिक पांड्या की फॉर्म टीम इंडिया के लिए अच्छी खबर है, भारत ने उन्हें खूब मिस किया था: मोहम्मद कैफ

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 374 रन बनाए. पांड्या ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि जब वह मैच की परिस्थितियों में गेंदबाजी करना शुरू करें तो वह बेहतरीन प्रदर्शन के लिए जरूरी रफ्तार हासिल कर पाएं. Also Read - हार्दिक पांड्या का आलोचकों को 'ताना', बोले - मेरे नाम से थोड़ा न्‍यूज बिक जाता है

इस ऑलराउंडर ने नेट पर गेंदबाजी करना शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी गेंदबाजी में 100 प्रतिशत होना चाहता हूं. मैं उस रफ्तार से गेंदबाजी करना चाहता हूं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिये जरूरी हो.’ आईसीसी टी20 विश्व कप के लिये 10 महीने बचे हैं और पांड्या ने संकेत दिया कि वह लंबे लक्ष्य और बड़े टूर्नामेंट को ध्यान में रखते हुए गेंदबाजी शुरू करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘हम आगे के बारे में सोच रहे हैं. हम टी20 विश्व कप और अन्य महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के बारे में सोच रहे हैं जहां मेरी गेंदबाजी ज्यादा अहम होगी.’

पांड्या ने कहा, ‘जब आप 375 रन के लक्ष्य का पीछा करते हो तो हर किसी को जज्बे के साथ खेलना चाहिए. इसके अलावा कोई कुछ नहीं कर सकता. आप ज्यादा योजना नहीं बना सकते.’

उन्होंने कहा कि भारत को हरफनमौला विकल्पों के बारे में विचार करना चाहिए क्योंकि छठा गेंदबाजी विकल्प वनडे टीम के संतुलन के लिये जरूरी है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि शायद हमें किसी को ढूंढना होगा जो भारत के लिये खेल चुका हो और उन्हें तराशना चाहिए और उन्हें खिलाने का तरीका ढूंढना होगा.’

पांडया ने कहा, ‘जब आप पांच गेंदबाजों के साथ उतरते हो तो यह हमेशा मुश्किल होगा क्योंकि अगर किसी का दिन अच्छा नहीं होगा तो उसकी भूमिका को भरने के लिये आपके पास कोई नहीं होगा. चोट से ज्यादा यह छठे गेंदबाजी की भूमिका के बारे में है. अगर किसी का दिन अच्छा नहीं है तो इससे अन्य गेंदबाजों को मदद मिलेगी.’