नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी हनुमा विहारी ने कहा है कि वाका मैदान पर उनकी कोशिश पिच से उछाल प्राप्त करने की थी. विहारी को वैसे तो एक बल्लेबाज माना जाता है. लेकिन यहां ऑस्ट्रेलिया के साथ जारी दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शुक्रवार को उन्होंने ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी जिसमें वह काफी हद तक सफल भी रहे और 53 रन देकर दो विकेट अपने नाम किए. Also Read - भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच Boxing Day Test मेलबर्न की जगह एडिलेड में हो सकता है, ये है वजह

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विहारी ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, “मैंने थोड़ी तेज गेंदबाजी करने की कोशिश की. मैं पिच को ज्यादा हिट करने की कोशिश कर रहा था ताकि उछाल मिल सके. मैं चाहता था कि कसी गेंदबाजी करूं और तेज गेंदबाजों को आराम दे सकूं.” Also Read - CA ने ‘दादा’ की बात मानने से किया इनकार, टीम इंडिया को AUS में पूरा करना होगा दो सप्‍ताह का पृथकवास

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विहारी ने अपनी गति और उछाल का शानदार फायदा उठाते हुए ऑस्ट्रेलिया के दो सेट बल्लेबाज मार्कस हैरिस (70) और एरॉन फिंच (50) को आउट किया. उन्होंने कहा, ” मैंने रणजी ट्रॉफी में थोड़ी बहुत गेंदबाजी की थी. मुझे पता था कि मैं यहां बल्लेबाजल को गेंद कर सकता हूं. मेरा काम अपनी टीम के लिए काम करना था क्योंकि मुझे पता है कि टीम में मेरी बहुत बड़ी भूमिका है. मैं चाहता था कि मुझे उछाल मिले ताकि बल्लेबाज गलती करे.”

ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन छह विकेट पर 277 रन का स्कोर बना लिया है. हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा, “भारतीय बल्लेबाजों के लिए अहम चीज यही होगी कि वे इस पिच पर अनुशासित बने रहें, जो दूसरे टेस्ट के शुरूआती दिन बल्ले और गेंद के बीच अच्छे द्वंद्व के बाद तेज गेंदबाजों के लिए बेहतर हो गई है. पिच सुबह के सत्र में थोड़ी धीमी थी लेकिन लंच के बाद यह तेज हो गई.”

विहारी ने कहा कि भारत के लिए यह अच्छा होगा कि वह गेंद दर गेंद खेले और सकारात्मक क्रिकेट खेले. 25 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा, “बल्लेबाज के तौर पर हम जितना संभव हो सके अनुशासित होने की कोशिश करेंगे जैसा कि हमने पिछले टेस्ट की दूसरी पारी में किया था.”