27 नवंबर से टीम इंडिया (Team India) पर लगा हुआ लॉकडाउन खत्म होने वाला है यानि कि गुरुवार को भारतीय क्रिकेट टीम कोरोना वायरस की वजह से क्रिकेट पर लगे ब्रेक के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। हालांकि इस दौरान भारतीय क्रिकेट से पूरी तरह वंचित नहीं रहे हैं, भारतीय खिलाड़ियों ने हाल ही में यूएई में आयोजित हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के 13वें सीजन में हिस्सा लिया।Also Read - IPL की असली चोकर्स है RCB, 3 फाइनल- 8 प्लेऑफ, फिर भी नहीं जीता कोई खिताब

आईपीएल के दौरान सभी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जैसे दबाव भरे हालात में प्रतिद्वंद्वी क्रिकेट का अभ्यास करने को मिला। हालांकि 13वें सीजन के दौरान विजेता रही मुंबई इंडियंस की टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) इस सीजन एक स्पेशलिस्ट बल्लेबाज के तौर पर खेले। यानि कि हार्दिक ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी गेंद नहीं डाली। Also Read - IPL Qualifier 2 RR vs RCB Highlights: जोस बटलर का ताबड़तोड़ शतक, रॉयल अंदाज में राजस्थान को दिलाई फाइनल में एंट्री, अब गुजरात से खिताबी भिड़ंत

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की टीम को इसकी वजह से कोई नुकसान नहीं हुआ चूंकि उनके पास कई बेहतर गेंदबाजी विकल्प थे, लेकिन टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में इस वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है चूंकि पांड्या के बल्लेबाज के तौर पर खेलने की स्थिति में टीम में मात्र एक ही ऑलराउंडर खिलाड़ी बचेगा- रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja)। Also Read - राजस्थान के खिलाफ RCB की इस तिकड़ी पर फैंस की निगाहें, खुद आकाश चोपड़ा ने कही ये बात

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुने गए 16 सदस्यीय भारतीय स्क्वाड में कुल आठ बल्लेबाज हैं, जो गेंदबाजी नहीं कर सकते हैं और हार्दिक को अगर स्पेशलिस्ट बल्लेबाज के तौर पर खेलाया जाता है तो नौ मुख्य बल्लेबाज हो जाएंगे। बाकी सात खिलाड़ियों में छह स्पेशलिस्ट गेंदबाज हैं। ऐसे में कप्तान कोहली के सामने ऐसी स्थिति भी आ सकती है जहां उनके पास गेंदबाजी के विकल्प ही ना बचें।

दूसरी ओर मेजबान टीम के साथ एक या दो नहीं बल्कि चार ऑलराउंडर हैं- मार्कस स्टोइनिस, मोइसेस हेनरिक्स, कैमरन ग्रीन और डैनियल सैम्स। साथ ही टीम में ग्लेन मैक्सवेल भी हैं जो नियमित रूप से ऑफ-स्पिन डालते हैं और आईपीएल के दौरान भी गेंदबाजी करते नजर आए थे।

जिस तरह से विश्व कप 2019 से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट ने स्क्वाड में ऑलराउंडर की मौजूदगी पर जोर दिया था, उसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया जाने वाले भारतीय वनडे स्क्वाड में ज्यादा ऑलराउंडर खिलाड़ी नहीं हैं। टीम इंडिया को सीरीज में आगे चलकर ये कमी भारी पड़ सकती है।