नई दिल्ली. जिस तरह से टीम इंडिया, ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में वनडे सीरीज में रौंदकर लौटी थी, उसके बाद शायद ही किसी ने सोचा था कि भारत अपनी ही सरजमीं पर उन्हीं कंगारुओं के हाथों वनडे सीरीज गंवा सकता है. लेकिन, हकीकत कुछ ऐसी ही रही. टीम इंडिया को घरेलू वनडे सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के हाथों 2-3 से हार का सामना करना पड़ा, वो भी 2-0 की लीड दर्ज करने के बाद. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब टीम ने 2-0 की लीड के बाद वनडे सीरीज गंवाई है. ऑस्ट्रेलिया से पहले पाकिस्तान के हाथों भारत को साल 2005 में 2-0 लीड के बावजूद सीरीज गंवानी पड़ी थी. इस प्रकार टीम इंडिया दुनिया की पहली ऐसी टीम भी बन गई है जिसने 2 बार 2-0 की लीड लेकर वनडे सीरीज को गंवाया है.

जीत के ‘भूखे’ कंगारू!

टीम इंडिया की वनडे सीरीज हारने की वैसे तो कई वजहें हैं लेकिन कप्तान कोहली के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया की भूख सबसे बड़ी वजह है. विराट यहां जिस भूख की बात कर रहे हैं वो दरअसल कंगारुओं की जीत की भूख है, जिसके लिए वो पिछले कई सालों से तरस रहे थे. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने साल 2017 के बाद कोई वनडे सीरीज अपने नाम की है. 2016 के बाद ये उनकी अपने घर से बाहर यानि विदेशी सरजमीं पर पहली वनडे सीरीज जीत है. इसके अलावा ये भारत में भारत के खिलाफ उनको 2009 के बाद मिली पहली वनडे सीरीज जीत भी है.

वर्ल्ड कप से पहले फर्क दिखता है!

साल 2019 में अब तक ऑस्ट्रेलिया ने भारत से 8 वनडे खेले और 4 जीते, जिसमें 3 जीत भारतीय मैदानों पर हासिल किए. बदलाव के दौर से गुजर रहे कंगारुओं के लिए वनडे की नंबर 2 टीम के खिलाफ वर्ल्ड कप से पहले ये एक बड़ी कामयाबी है. क्योंकि, साल 2018 में इसी कंगारू टीम ने 13 वनडे मुकाबले में से सिर्फ 2 में ही जीत दर्ज की थी.

ऑस्ट्रेलिया की ‘भूख’ ने हराया- विराट

विराट ने कहा,” ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज जीत का हकदार था क्योंकि उनके अंदक इसके लिए भूख थी. उन्होंने हमसे ज्यादा जोश और दिलेरी दिखाई. दबाव के पलों में वो बिखरे नहीं बल्कि हमसे बेहतर इच्छाशक्ति दिखाई, जो ये साबित करती है कि वो जीत के असली हकदार थे.”

पुरानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम आई याद

भारत के खिलाफ वनडे सीरीज को अपने नाम करने के लिए ऑस्ट्रेलिया ने लगातार 3 मुकाबले जीते. जबकि, इससे पहले पिछले 2 सालों में वो बैक टू बैक 2 मैच कभी नहीं जीते थे. ऑस्ट्रेलिया ने रांची में 314 का टोटल डिफेंड किया तो मोहाली में अपने सबसे बड़े वनडे स्कोर 359 के लक्ष्य को हासिल किया. वहीं दिल्ली में खेले डिसाइडर मुकाबले में उन्होंने 273 का स्कोर शेव करते हुए सीरीज जीत पर मुहर लगाई. सीधे शब्दों में फिंच एंड कंपनी मौजूदा वनडे सीरीज में भारत के खिलाफ ऐसे खेली जैसे कभी 2000 के शुरुआती दौर में ऑस्ट्रेलियाई टीम खेला करती थी.