ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क (Mitchell Starc) ने कहा है कि यूएई और ओमान में होने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप के उनकी रणनीति बाकी लोगों की तरह 24 अलग-अलग प्रकार की धीमी गेंदें फेंकने की नहीं होगी।Also Read - Video: Omicron से प्रभावित हुआ India का Africa tour, टी-ट्वेंटी मैचों पर लगा ग्रहण

ऑस्ट्रेलिया ने 23 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 विश्व कप में अपने ‘सुपर 12’ अभियान की शुरूआत करेगा और एरोन फिंच की अगुवाई वाली टीम इस टूनार्मेंट को पहली बार जीतने की काशिश करेगी। Also Read - The Ashes: एशेज सीरीज में इंग्लैंड का शर्मनाक प्रदर्शन, सिर्फ 4 खिलाड़ी छू सके दहाई का आंकड़ा

स्टार्क ने कहा, “मैं डेथ ओवर गेंदबाजी की अपनी ताकत पर कायम हूं और इस बारे में ज्यादा चिंता नहीं करता कि दूसरे क्या कर रहे हैं।” Also Read - AUS vs ENG: मिशेल स्‍टार्क ने पहली ही गेंद पर रोरी बर्न्‍स को किया बोल्‍ड, इस अंदाज में हुई एशेज की शुरुआत, VIDEO

सात साल से ब्रेक के बाद ये ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज टी20 विश्व कप में खेलेगा, हालांकि उन्होंने दो वनडे विश्व कप – 2015 और 2019 में खेले, जिसमें वो संयुक्त रूप से सर्वोच्च खिलाड़ी के रूप में उभरे और सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज होंगे।

स्टार्क ने कहा कि टी20 विश्व कप खेलने से उनके गेम प्लान में ज्यादा बदलाव नहीं आएगा क्योंकि उन्हें टेस्ट क्रिकेट से ज्यादा छोटे फॉर्मेट पसंद हैं।

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज का कहना है कि पावर-प्ले में नई गेंद से एक-दो विकेट लेने की कोशिश होगी और फिर डेथ में भी विकेट लेने की उनकी भूमिका अहम होगी।