AVT Champions tour, Pune: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में से एक कपिल देव ने क्रिकेट की दुनिया में कई झंडे गाड़े हैं. मगर इस बार उन्होंने क्रिकेट के मैदान से बाहर निकल कर गोल्फ की दुनिया में कमाल कर दिया. भारतीय क्रिकेट को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले इस पूर्व कप्तान ने एवीटी चैंपियंस टूर (AVT Champions tour) गोल्फ टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है. कपिल देव ने 60-64 के आयु वर्ग का खिताब जीत कर दुनिया को ये बता दिया कि उनके सामने उम्र महज एक नंबर है. हालांकि, इस टूर्नामेंट में सीमा सुरक्षा बल के पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने ओवरऑल ट्रॉफी अपने नाम किया.

एवीटी चैंपियंस टूर के इस सत्र में 100 से अधिक गोल्फरों ने हिस्सा लिया था. दस शहरों से आए गोल्फरों ने एक तरफ जहां अपने खेल से इस टूर्नामेंट को सफल बनाने का प्रयास किया वहीं दूसरी तरफ बारिश ने समय समय पर अपनी भूमिका निभाते हुए अड़चनें भी डाली. इस जीत के बाद भारतीय क्रिकेटर ने कहा कि जीत की भावना हमेशा आपको प्रेरित करती है. उसका एहसास सुखद होता है. कपिल देव ने एवीटी चैंपियंस टूर को एक बेहतरीन प्रयास बता कर इसकी खूब सराहना भी की.

इस टूर्नामेंट में अबतक तीन चरण हो चुके हैं और चौथा चरण जो आखिरी होगा उसे कोलकाता में जनवरी 2020 में आयोजित किया जाएगा. कपिल देव ने अपने करियर में 225 वनडे और 13 टेस्ट मैच खेले हैं. आपको बता दें कि हाल ही में, कपिल देव को एक नई जिम्मेदारी भी सौंपी गई हैं. उन्हें हरियाणा के सोनीपत के राई में हरियाणा स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (Haryana Sports University) का पहला चांसलर बनाया गया है. सोनीपत के राई में मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ड्स कैंपस में ही इस खेल यूनिवर्सिटी की स्थापना हुई है. कपिल के अलावा अब यूनिवर्सिटी के बाकी स्टाफ की नियुक्ति जल्द ही होगी जिसमें वाइस चांसलर भी शामिल होंगे.

अभी तक किसी यूनिवर्सिटी के चांसलर यानि कुलाधिपति का पद प्रदेश के राज्यपाल को स्वतः मिल जाता था, लेकिन हरियाणा के पहले खेल विश्व विद्यालय की नियुक्ति के लिए हरियाणा सरकार ने कानून बदला है. हरियाणा सरकार ने पहली बार राज्यपाल की जगह खेल से जुड़े किसी व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त किया है. राज्यपाल संरक्षक की भूमिका में बने रहेगे, जबकि उपकुलाधिपति की नियुक्ति अलग से होनी है.