बीजिंग: आजमगढ़ के जिलाधिकारी और बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास एलवाई इन दिनों सुर्खियों में है। सुहास चीन की राजधानी बीजिंग में एशियन पैरा-बैडमिंटन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। Also Read - दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 8वीं तक के छात्रों के लिए बड़ी खबर, बिना परीक्षा के ही किए जाएंगे प्रमोट; जानें कैसे होगा मूल्यांकन

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एलवाई ने शहर, प्रदेश और भारत की चमक दुनिया में बिखेरी तो यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दफ्तर ने ट्वीट में सुहास की उपलब्धि की सराहना करते हुए इसे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने वाला बताया है। यह भी पढ़ें: रियो में रजत पदक जीतने वाली साक्षी मलिक ने अर्जुन पुरस्कार तक नहीं जीता था अब मिलेगा खेल रत्न Also Read - India Vs England Pink Test Day One Records: इंग्लैंड के साथ तीसरे टेस्ट के पहले दिन Motera पर बने कई रिकॉर्ड, जानें किसने क्या किया कारनामा...

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में आए सुहास ने एशियन पैरा-बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में इंडोनेशियाई खिलाड़ी हैरी सुशांतो को 21-4, 21-11 से मात दी।

इस तरह की उपलब्धि हासिल करने वाले सुहास संभवत: पहले आईएस अफसर हैं। सेमीफाइनल में सुहास ने कोरिया के क्योन ह्वान सान को धूल चटाई थी। गौरतलब है कि सुहास कुछ साल पहले इसी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर हार गए थे।

खास बात ये है कि सुहास को वाइल्ड कार्ड के जरिए टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला। सुहास एक के बाद एक 6 मैच जीतकर फाइनल में पहुंचे। जब ये टूर्नामेंट खेला जा रहा था, तब बीजिंग में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी।

सुहास 2007 बैच के आईएएस अधिकारी है। उन्होंने इस उपलब्धि को अपनी जिंदगी की दूसरी सबसे बड़ी जीत बताया। सुहास अपनी जिन्दगी की पहली बड़ी जीत आईएएस में अपने चयन को मानते है।

सुहास ने बचपन से ही चुनौतियों से लड़ना सीखा। बचपन से एक पैर खराब होने की वजह से चलने फिरने में दिक्कत झेलने वाले सुहास के लिए इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था।

उनके एशियन पैरा बैडमिंटन टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतने की खबर मिलते ही रविवार को आजमगढ़ में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके लिये सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया।