नई दिल्ली, जिसने वनडे क्रिकेट खेलने का तरीका बदल दिया, 22 गज की पट्टी पर जिसके विस्फोटक तेवर के चर्चे अब तक क्रिकेट के गलियारों में गूंजते हैं, उस खिलाड़ी को आज दो पग चलने के लिए बैसाखियों की जरुरत है. ये खिलाड़ी हैं श्रीलंका के पूर्व विस्फोटक ओपनर सनथ जयसूर्या, जिन्हें घूटने की इंजरी की वजह से इन दिनों बैसाखियों का सहारा लेना पड़ रहा है. हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जयसूर्या ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर के अवेन्यू अस्पताल में घूटने का ऑपरेशन करा चुके हैं. ऑपरेशन के बाद वो श्रीलंका भी लौट गए हैं और अब अपने आगे के इलाज के लिए वो भारतीय आयुर्वेदिक डॉक्टर की शरण लेंगे. Also Read - श्रीलंका के इस पूर्व क्रिकेटर पर ICC ने लगाया 2 साल का बैन, आचार संहिता उल्लंघन का माना दोषी

खबर है कि घूटने की इंजरी के काफी इलाज के बाद भी वो पूरी तरीके से ठीक नहीं हो पाए हैं. यही वजह है कि वो अब मध्यप्रदेश के आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रकाश इंडियन टाटा से अपना इलाज करवाएंगे. 1996 वर्ल्ड कप में श्रीलंका की जीत के नायक रहे जयसूर्या को डॉ. प्रकाश इंडियन टाटा से मिलने की सलाह भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजहर ने आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रकाश इंडियन टाटा से जयसूर्या की बात भी कराई है. यही नहीं जयसूर्या की परेशानी को समझकर डॉक्टर प्रकाश ने उनकी बीमारी का इलाज भी ढूंढ लिया है. Also Read - वनडे खेलने का अंदाज बदलने वाले क्रिकेटर पर ICC ने किया भ्रष्टाचार कानून तोड़ने का मामला दर्ज

आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रकाश मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा के रहने वाले हैं. superdivinepowers.blogspot.in के मुताबिक, डॉ. प्रकाश इंडियन टाटा को जड़ी-बूटियों से इलाज करने में महारत है. उन्होंने जड़ी-बूटियों से कई लाइलाज बीमारियों को आसानी से ठीक किया है.

खबर है कि डॉ. प्रकाश जयसूर्या का इलाज 10 फरवरी से शुरू करेंगे. जयसूर्या का इलाज पातालकोट की जड़ी-बूटियों से होगा, जिन्हें लेकर आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर प्रकाश श्रीलंका के लिए रवाना भी हो चुके हैं. आपको बता दें कि पातालकोट मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा के पास मौजूद काधरातल घाटी में लगभग 3000 फीट नीचे है, जहां के घने जंगलों में जड़ी बूटियों का अपार खजाना है.