कोरोनाकाल में पाकिस्तान की क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर पहुंच चुकी है जहां उसे 3 टेस्ट और इतने ही टी20 मैचों की सीरीज खेलनी है. दौरे की शुरुआत टेस्ट मैच से होगा जो 30 जुलाई से लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान से शुरू होगा. Also Read - इशांत शर्मा ने कहा- 2013 के बाद महेंद्र सिंह धोनी को अच्छे से समझ पाया था

पाकिस्तान के कप्तान अजहर अली ने कहा है कि एलिस्टर कुक के संन्यास के बाद इंग्लैंड का शीर्ष क्रम कमजोर हुआ है और उनकी टीम आगामी टेस्ट श्रृंखला में इसका फायदा उठाने की कोशिश करेगी. Also Read - 2019 वर्ल्ड कप में इस डर के साथ खेल रही थी पाकिस्तान की टीम, पूर्व चीफ सेलेक्टर ने किया खुलासा

अजहर ने कहा कि टीम के गेंदबाज इंग्लैंड के ‘कमजोर शीर्ष क्रम’के खिलाफ आक्रामक रवैया अख्तियार करेंगे. अजहर अली ने इंग्लैंड रवाना होने से पहले कहा, अगर उनकी बल्लेबाजी इकाई को देखे तो, कुक के हटने के बाद से वह कुछ कमजोर हुई है. उन्होंने हाल ही में बहुत सारे संयोजनों को आजमाया और शायद थोड़ा व्यवस्थित लग रहे हैं, लेकिन वे वास्तव में इसे लेकर उतना आश्वस्त नहीं हैं. ऐसे में यहां हमारे पास मौका होगा.’ Also Read - देश में कोरोना के करीब 21 हजार नए केस, आंकड़ा 6.25 लाख के पार, 18 हजार से ज्‍यादा मौतें

शीर्ष क्रम में छह अलग-अलग संयोजनों का उपयोग किया है

सितंबर 2018 में कुक के संन्यास के बाद से, इंग्लैंड ने 18 टेस्ट में शीर्ष क्रम में छह अलग-अलग संयोजनों का उपयोग किया है. इसमें से सिर्फ रोरी बर्न्स ही अपनी जगह पक्की कर सके है.

पाकिस्तान के कप्तान हालांकि जेम्स एंडरसन, स्टुअर्ट ब्रॉड और जोफ्रा आर्चर की अगुवाई वाली गेंदबाजी आक्रमण की मजबूती से वाकिफ है जो इंग्लैंड की परिस्थितियों में और दमदार होगी.

अजहर ने कहा, ‘घरेलू परिस्थितियों में उनकी गेंदबाजी आक्रमण शानदार है और इसमें कोई संदेह नहीं है. जोफ्रा आर्चर के अलावा हमने सबका सामना किया है. ब्रॉड, एंडरसन, वोक्स, स्टोक्स और यहां तक ​​कि वुड जैसे गेंदबाज के बाद भी हम जीतने में सफल रहे.’

अनुभवहीन तेज गेंदबाजी को पाकिस्तान की कमजोर कड़ी के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन अजहर ने उम्मीद जताई कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में नसीम शाह और शाहीन शाह आफरीदी को काफी मदद मिलेगा.

‘इंग्लैंड के गेंदबाजों को काफी अनुभव है’

उन्होंने कहा, ‘मैचों की संख्या को देखे तो इस मामले के इंग्लैंड के गेंदबाजों को काफी अनुभव है. लेकिन हमारे पास कौशल है और वे (पाकिस्तानी गेंदबाज) काफी कुछ कर सकते है.’

पाकिस्तान की 20 सदस्यीय टीम मैनचेस्टर पहुंचने के बाद 20 दिनों तक पृथकवास पर रहेगी. दौरे के सभी मैचों को जैविक रूप से सुरक्षित परिस्थितियों में खेला जाएगा.