नई दिल्ली: पैरापलंपिक में रजत पदक विजेता दीपा मलिक को एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन पहलवान बजरंग पूनिया के साथ शनिवार को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के लिये नामित किया गया. रियो पैरालंपिक के गोला फेंक में एफ53 वर्ग में रजत पदक जीतने वाली 48 वर्षीय दीपा का नाम 12 सदस्यीय समिति ने दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन खेल रत्न पुरस्कार के लिये जोड़ा.

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) मुकुंदकम शर्मा की अगुवाई वाली समिति ने विश्व में 65 किग्रा में नंबर एक पूनिया को शुक्रवार को ही खेल रत्न के लिये चुन लिया था. छह बार की विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता एमसी मेरीकोम ने हितों के टकराव से बचने के लिये बैठक में हिस्सा नहीं लिया. उनके निजी कोच छोटेलाल यादव द्रोणाचार्य पुरस्कार की दौड़ में शामिल थे. समिति ने 19 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिये भी चुना है, जिसमें क्रिकेटर रविंद्र जडेजा और पूनम यादव, ट्रैक एवं फील्ड के एथलीट तेजिंदर पाल सिंह तूर, मोहम्मद अनस और स्वप्ना बर्मन, फुटबालर गुरप्रीत सिंह संधू, हाकी खिलाड़ी चिंगलेनसना सिंह कांगुजाम और निशानेबाज अंजुम मुदगिल शामिल हैं.

दिशानिर्देशों के अनुसार पुरस्कार की पात्रता के लिये एक खिलाड़ी का पुरस्कार वाले वर्ष में बेहतरीन प्रदर्शन के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले चार वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन होना जरूरी है. इसके साथ ही उसमें नेतृत्वक्षमता, खेल भावना और अनुशासन के गुण भी होने अनिवार्य हैं. पैनल ने तीनों नामों को द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये नामित किया है जिनमें पूर्व बैंडमिंटन स्टार विमल कुमार भी शामिल है. इसके अलावा तीन नाम द्रोणाचार्य पुरस्कार (जीवन पर्यन्त) के लिये भेजे गये हैं.