सिडनी: केपटाउन के बॉल टेंपरिंग कांड के तूल पकड़ने के बाद स्टीव स्मिथ की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. स्मिथ की कप्तानी तो पहले ही छिन गई है. उसके बाद आईसीसी ने भी कहीं का नहीं छोड़ा. क्रिकेट की सुप्रीम बॉडी आईसीसी ने स्मिथ पर एक टेस्ट मैच के बैन के अलावा 100 फीसदी मैच फी का जुर्माना ठोक दिया है. इसका मतलब है कि स्मिथ साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहांसबर्ग में खेले जाने वाले आखिरी टेस्ट में नहीं खेलेंगे.

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भी गेंद से छेड़खानी के मामले में अपने देश के क्रिकेटरों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि उन्होंने देश को बदनाम किया है और वर्तमान नेतृत्व में टीम संस्कृति बदहाल हो चुकी है.

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ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट को राष्ट्रीय खेल माना जाता है और इस घटना से खेल प्रेमी आहत हैं. ‘द ऑस्ट्रेलियन’ ने अपने पहले पन्ने पर शीर्षक दिया है, ‘शर्मनाक स्मिथ’. इसमें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख जेम्स सदरलैंड से इस्तीफा देने की अपील करते हुए लिखा है कि इस धोखाधड़ी ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को सिर से लेकर पांव तक झकझोर दिया है. अखबार के अनुसार लगभग दो दशक तक जिम्मा संभालने के बावजूद सदरलैंड ने सीनियर स्तर पर खेल की बदहाल संस्कृति को बदलने के लिये कुछ खास नहीं किया.

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वरिष्ठ क्रिकेट लेखक पीटर लालोर ने लिखा है कि ड्रेसिंग रूम के वयस्क कहां थे? इस सवाल का जवाब यह है कि यह दुखद है कि वे वयस्क हैं. सिडनी टेलीग्राफ में खेल लेखक राबर्ट क्रैडोक ने लिखा है कि यह क्षणिक पागलपन का नतीजा नहीं था. उन्होंने कहा कि यह हर हाल में जीत दर्ज करने की संस्कृति की परिणिति है जो आखिर में आत्मनिर्भरता के नियम से बेशर्मी और खुलेआम धोखाधड़ी में बदल गई. सिडनी मार्निंग हेरल्ड ने लिखा है, ‘‘स्टीव स्मिथ और उनकी प्रतिष्ठा इस प्रकरण के बाद कभी नहीं सुधर पाएगी.