विश्‍व कप 2019 (ICC World Cup 2019) में खराब प्रदर्शन के कारण चर्चा में रहे पूर्व कप्‍तान मशरफे मुर्ताजा (Mashrafe Mortaza) ने पहली बार बांग्‍लादेश क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ उनके मामले में बर्ताव पर खुलकर बात की। मुर्तजा का कहना है कि खराब फॉर्म के बाद उन्हें टीम से बाहर करने और संन्यास दिलाने की जल्दी थी. Also Read - कोविड-19 की वजह से रद्द हुए मैच नहीं खेलेगा BCB; आईसीसी से टेस्ट चैंपियनशिप आगे बढ़ाने की मांग

मुर्तजा (Mashrafe Mortaza) को इस बात की भी कसक है कि उन्‍हें फेयरवेल मैच के लिए भी नहीं पूछा गया. वेबसाइट क्रिकबज से बातचीत के दौरान मशरफे मुर्तजा ने कहा, “पहले तो उन्हें मेरे लिए फेयरवेल मैच रखना चाहिए था और यह आम मैच नहीं होना था.. एक सामान्य द्विपक्षीय सीरीज अलग बात है और जल्दबाजी में एक मैच रखना अलग बात है.” Also Read - अपने खिलाड़ियों में कोरोनावायरस के लक्षण को ट्रैक करने के लिए BCB ने लॉन्च की ऐप

उन्होंने कहा, “दूसरी बात, वह इस मैच के लिए दो करोड़ खर्च करने को तैयार थे. देखा जाए तो नैतिक तौर पर यह सही नहीं है क्योंकि हमारे प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों को अच्छा पैसा नहीं मिल रहा है. ईमानदारी से कहूं तो ऐसा लग रहा था कि मुझे विदाई देने की जल्दबाजी की जा रही है और यह निश्चित तौर पर चुभने वाली बात थी.” Also Read - मैंने बेवकूफाना गलती की जिसके चलते बैन कर दिया गया: शाकिब अल हसन

36 साल के मुतार्जा (Mashrafe Mortaza) का विश्व कप-2019 में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था. मुर्तजा ने कहा, “अचानक से मुझे बाहर करने की जल्दबाजी की गई. मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि मैंने क्रिकेट को अपनी पूरी जिंदगी दे दी मैं पूरी तरह से टूटा था तब भी.”

उन्होंने कहा, “अगर पैसा मुख्य मुद्दा होता है तो मैं काफी चीजें कर सकता था, वो भी तब जब मेरा करियर काफी सारी चोंटो से जूझ रहा था.”
कप्तानी छोड़े जाने के सवाल पर मर्तजा (Mashrafe Mortaza) ने कहा, “अगले विश्व कप में अभी भी तीन साल का समय है इसलिए यहां से अगर बीसीबी विश्व कप के लिए कप्तान तैयार कर सकती है तो यह बांग्लादेश के लिए काफी अच्छा होगा.”