नयी दिल्ली : भारत से जुड़े तीन मैचों की पिच से कथित छेड़छाड़ के स्टिंग आपरेशन पर सतर्क प्रतिक्रिया देते हुए बीसीसीआई ने रविवार को कहा कि वे इस मामले में फंसे पूर्व क्रिकेटर रोबिन मौरिस के खिलाफ कार्रवाई करने पर तभी विचार करेंगे जब वह आईसीसी की मौजूदा जांच में दोषी पाया जाएगा. यह स्टिंग अल जजीरा चैनल ने किया है और जिन मैचों पर सवाल उठाया जा रहा है वे भारत और श्रीलंका के बीच गाले में 26 से 29 जुलाई 2017 तक हुआ टेस्ट, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रांची में 16 से 20 मार्च 2017 तक हुआ टेस्ट और भारत तथा इंग्लैंड के बीच चेन्नई में 16 से 20 दिसंबर 2016 तक हुआ टेस्ट शामिल है. Also Read - IPL 2020 के बाद यूएई में ही खेली जाएगी भारत-इंग्लैंड सीरीज

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गाले और चेन्नई में हुए टेस्ट में भारत ने जीत दर्ज की थी जबकि रांची में हुआ मैच बराबरी रहा था. बीसीसीआई के वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि आईसीसी ने जांच शुरू कर दी है. उन्हें जांच पूरी करने दीजिए और मौरिस को दोषी ठहराने दीजिए. फैसला आने के बाद ही बीसीसीआई कार्रवाई करेगा.’’ Also Read - IPL 2020: 6 दिन के बजाए अब सिर्फ 36 घंटे ही क्वारंटीन में रहेंगे ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के क्रिकेटर्स, जानिए वजह

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उन्होंने कहा कि 42 प्रथम श्रेणी और 51 लिस्ट ए मैच खेलने वाले मौरिस फिलहाल बीसीसीआई की किसी भी परियोजना से नहीं जुड़े हुए. अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें अपनी भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) से पता करने की जरूरत है कि मौरिस का नाम संदिग्धों की सूची में शामिल है या नहीं. दूसरी बात वह बीसीसीआई या किसी राज्य इकाई की परियोजना से नहीं जुड़ा हुआ जहां से उसे हटाए जाने की जरूरत है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अब जो चीज बची है वह बीसीसीआई की घरेलू क्रिकेटरों को दी जाने वाली 22500 रुपये (कटौती के बाद) की पेंशन है. बीसीसीआई को इसे रद्द करने का अधिकार है लेकिन उसके दोषी पाए जाने के बाद.’’

मौरिस ने कथित तौर किसी भी तरह के गलत कार्य से इनकार किया है और षड्यंत्र की बात कही है. इस डॉक्यूमेंट्री में मैच फिक्सिंग के आरोपी मौरिस को गाले के क्यूरेटर थरंगा इंडिका को अंडरकवर रिपोर्टर से मिलवाते हुए दिखाया गया है और वह फिक्सरों के अनुसार पिचों को बदलने का दावा करते दिख रहे हैं. आईसीसी ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है.

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मौरिस को इस वीडियो में कथित तौर पर पाकिस्तानी क्रिकेटर हसन रजा के साथ दिखाया गया है और वीडियो में ये अपने संपर्क और मैदानकर्मियों के जरिये पिचों को फिक्स करने की अपनी क्षमता के बारे में बात कर रहे हैं. हालांकि मुंबई का क्रिकेट जगत मौरिस के खिलाफ आरोपों से पूरी तरह से स्तब्ध नहीं है.

शारदाश्रम स्कूल से पढ़ाई करने वाले और रमाकांत आचरेकर (सचिन तेंदुलकर के शुरुआती कोच) के शिष्य रहे मौरिस को सीमित ओवरों का उम्दा क्रिकेटर माना जाता था लेकिन उन्होंने 31 बरस की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कह दिया.

मुंबई क्रिकेट से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा, ‘‘अगर उसके सर्वश्रेष्ठ दिन आईपीएल के आसपास होते तो वह घरेलू खिलाड़ियों के बीच अच्छी पसंद होता. लेकिन वह इरानी ट्रॉफी में मुंबई के लिए आठ विकेट चटकाने के बाद बागी (अब भंग) इंडियन क्रिकेट लीग में चला गया.’’ काफी लोगों को समझ नहीं आता कि मध्यम वर्ग के परिवार से होने के बावजूद मौरिस ने भारत पेट्रोलियम की सुरक्षित नौकरी क्यों छोड़ दी.

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इस पूर्व क्रिकेटर के एक करीबी मित्र ने कहा, ‘‘मैं शर्त लगा सकता हूं कि घरेलू क्रिकेट और आईसीएल खेलते हुए उसने मोटी कमाई नहीं की. लेकिन वह मर्सीडीज बेंज चलता था, कीमती घड़ियां पहनता था.’’ मौरिस के साथ दलीप और देवधर ट्रॉफी खेलने वाले एक पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘‘उसके कुछ पुराने दोस्तों ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी थी. उसकी लगातार दुबई की यात्राओं ने संदेह पैदा किया.’’ इस विवाद के सामने आने के बाद से मौरिस ने अपना मोबाइल बंद कर दिया है और अपना फेसबुक अकाउंट भी हटा दिया है.