नई दिल्ली. BCCI, टीम इंडिया से बाहर किये गये करूण नायर और मुरली विजय से एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली राष्ट्रीय चयन समिति की ‘संवाद नीति’ पर की गयी उनकी टिप्पणी के बारे में स्पष्टीकरण मांग सकता है. पता चला है कि विजय और नायर दोनों ने केंद्रीय अनुबंधित क्रिकेटरों के लिये बने नियमों का उल्लंघन किया है. न तो चयन समिति और न ही बीसीसीआई अधिकारियों को उनकी मीडिया के सामने की गयी टिप्पणी पसंद आयी.Also Read - मिताली राज भारतीय टीम की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, स्ट्राइक रेट को लेकर आलोचना गैरजरूरी: शांता रंगास्वामी

विजय और करूण पर गिर सकती है गाज Also Read - NZ का अपराध माफी योग्‍य नही, Shahid Afridi बोले- भारत के पीछे-पीछे ना चलें पढ़े-लिखे देश

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘‘विजय और करूण ने चयन नीति पर बोलकर अच्छा नहीं किया. यह केंद्रीय अनुबंध का उल्लघंन है. केंद्रीय अनुबंध के अनुसार कोई भी खिलाड़ी हाल में समाप्त हुए दौरे के बारे में 30 दिन तक कुछ नहीं बोल सकता. हैदराबाद में 11 अक्टूबर को सीओए की बैठक है और वहां इस मुद्दे को उठाया जा सकता है. ’’ Also Read - IPL 2021- अगर Hardik Pandya फिट नहीं थे तो वर्ल्ड कप टीम में चयन क्यों: Saba Karim

टीम में सलेक्ट न होने पर दिया था बयान

हाल में नायर और विजय दोनों ने मीडिया में चयन समिति पर ‘संवाद की कमी’ का आरोप लगाया था जबकि मुख्य चयनकता प्रसाद ने इस आरोप से इनकार किया था. सीओए प्रमुख विनोद राय ने  बैठक के बाद कहा, ‘‘यह सब बकवास है. चयन समिति की ओर से इस तरह का मामला नहीं आया है. हमारी चयन समिति स्वतंत्र कार्य करती है. जहां तक विजय और करूण के बयानों का संबंध है तो हमने उन पर फैसला करने का अधिकार चयनकर्ताओं पर छोड़ दिया है. ’’

नायर से ज्यादा विजय से खफा सलेक्टर्स

करूण को इंग्लैंड में पूरी पांच मैचों की सीरीज में टीम में शामिल नहीं किया गया जबकि विजय को इंग्लैंड के खिलाफ पहले तीन टेस्ट मैचों के बाद बाहर कर दिया गया और फिर वह एसेक्स के लिये तीन मैच खेलने चले गये.  पता चला है कि चयनकर्ताओं को नायर के बजाय विजय के बयान से ज्यादा दुख हुआ है, क्योंकि वह काफी अनुभवी हैं.