मेलबर्न: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर दिन-रात प्रारूप टेस्ट मैच खेलने की मनाही के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अगले साल ब्रिस्बेन में श्रीलंका के साथ गाबा मैदान पर दिन-रात का टेस्ट मैच खेलेगा. सीए ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी. बीसीसीआई ने सोमवार को सीए को पत्र लिखकर इस साल के अंत में होने वाली टेस्ट सीरीज में दिन-रात का टेस्ट मैच खेलने से मना कर दिया था. सीए के प्रवक्ता ने कहा, “हम इस बात की पुष्टि करते हैं कि हमें बीसीसीआई से पत्र मिला है जिसमें उन्होंने ऐडिलेड में दिन-रात टेस्ट मैच खेलने से मना कर दिया है.”

प्रवक्ता ने कहा, “हम जानते हैं कि एडिलेड के कुछ प्रशंसक निराश होंगे. हम जानते हैं कि एडिलेड टेस्ट कितना मशहूर है.” उन्होंने कहा, “हम हर ग्रीष्मकाल में एक दिन-रात के टेस्ट मैच का आयोजन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इसलिए हम जनवरी में गाबा में श्रीलंका के साथ इस प्रारूप में टेस्ट मैच खेलेंगे.”

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के नियमों के अनुसार मेजबान देश मेहमान देश की मंजूरी से दिन-रात के टेस्ट मैच की मेजबानी कर सकता है. यह मैच गुलाबी गेंद से खेला जाता है. भारत ने कहा है कि वह पारंपरिक लाल गेंद से ही मैच खेलेगी. भारत उन दो देशों में शामिल हैं जिसने दिन-रात प्रारूप में टेस्ट मैच खेलने के लिए अभी तक अपनी मंजूरी नहीं दी है. भारत के अलावा बांग्लादेश भी इसमें शामिल है.

इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री की अगुवाई वाले भारतीय टीम प्रबंधन ने प्रशासकों की समिति (सीए) को बताया कि टीम को दिन रात्रि के टेस्ट मैच की तैयारी के लिए कम से कम 18 महीने की जरूरत पड़ेगी. इसके बाद कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी को सीए के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड तक संदेश पहुंचाने के लिए कहा गया.

पिछले सप्ताह सदरलैंड ने ऑस्ट्रेलिया में एक रेडियो स्टेशन से कहा था कि भारत इसलिए गुलाबी गेंद से टेस्ट मैच नहीं खेलना चाहता है क्योंकि वह सीरीज जीतने के लिये बेताब है. ऑस्ट्रेलिया ने घरेलू सरजमीं पर अभी तक कोई दिन रात्रि टेस्ट मैच नहीं गंवाया है. भारतीय खिलाड़ियों में केवल चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय ने ही दलीप ट्राफी में गुलाबी गेंद से दिन रात्रि मैच खेला है.