नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के विवादित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के ऊपर एक अज्ञात महिला द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोप की जांच के लिए प्रशासकों की समिति (सीओए) ने एक स्वतंत्र समिति का गठन किया है. सीओए ने गुरुवार देर रात एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी. सीओए ने जौहरी के ऊपर लगे आरोपों का संज्ञान लेते हुए उनसे सात दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा था. बीसीसीआई के बयान के मुताबिक जौहरी ने अपनी सफाई पेश करते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है. Also Read - Navdeep Saini Injury Latest Update: ग्रोइन पेन के बाद स्‍कैन के लिए ले जाए गए सैनी, भारत की मुश्किलें बढ़ी

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बीसीसीआई के बयान के मुताबिक, “जौहरी ने अपनी सफाई 20 अक्टूबर को दे दी थी. उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है और कहा है कि ऐसा कभी नहीं हुआ.” बयान के मुताबिक, “सीओए ने 20 और 22 अक्टूबर को बैठक की और सीओए के अध्यक्ष विनोद राय का मानना था कि जौहरी के ऊपर लगे आरोपों की जांच के लिए मामले के जानकार लोगों की एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाए जो कानून और नैसर्गिक न्याय की प्रक्रियाओं का ध्यान रखते हुए एक पारदर्शी जांच करे और अपनी रिपोर्ट दाखिल करे.” Also Read - Sydney Racism: भारतीय क्रिकेटरों पर नस्लभेदी टिप्पणी पर भड़के जय शाह, बोले- भेदभावपूर्ण हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी

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बयान में कहा गया है, “सीओए की अन्य सदस्य डायना इडुल्जी की राय इससे अलग थी. उनका कहना था कि सीओए पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं, इसलिए बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट के हित में यह सही होगा कि जौहरी इस्तीफा दे दें या फिर उनके अनुबंध को खत्म कर दिया जाए. उनका मानना था आरोपों की प्रकृति ऐसी है कि जांच की जरूरत नहीं है और जौहरी को पद से हटाने के लिए पर्याप्त है.”

लेकिन, सीओए अध्यक्ष विनोद राय इससे सहमत नहीं थे क्योंकि मामले में आरोप लगाने वाली ने अपनी पहचान नहीं बताई है और ऐसे में दूसरे पक्ष को सफाई का मौका देना नैसर्गिक न्याय के लिए जरूरी है. इस स्थिति को देखते हुए जौहरी के ऊपर लगे आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया गया है.

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डायना ने अध्यक्ष से कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई और जौहरी को हटाया नहीं गया तो वह अपने आगे के कदम के लिए न्याय मित्र गोपाल सुब्रमण्यम से सलाह लेंगी. बीसीसीआई के मुताबिक, “पारदर्शी जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया गया है जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश राकेश शर्मा, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन बरखा सिंह और सीबीआई के पूर्व निदेशक रिटायर्ड आईपीएस पी.सी. शर्मा शामिल होंगे.”

बयान के मुताबिक, “समिति की अध्यक्षता राकेश शर्मा करेंगे. यह समिति जौहरी पर बीसीसीआई में रहते हुए उनके ऊपर लगे आरोपों की जांच करेगी. समिति के सामने सभी साक्ष्य रखे जाएंगे. यह समिति 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. समिति की रिपोर्ट आने तक जौहरी छुट्टी पर ही रहेंगे.” कुछ दिनों पहले, एक अज्ञात महिला ने ट्विटर पर कुछ स्क्रीन शॉट साझा किए थे जिनमें जौहरी पर यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे.