भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष सौरव गांगुली की अगुआई में हाल में संपन्न 88वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में राज्य संघों ने बोर्ड से घरेलू मैचों की मेजबानी शुल्क को बढ़ाने का आग्रह किया था. ऐसे में बोर्ड इस शुल्क में संशोधन कर सकता है.

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इसके अलावा बीसीसीआई 60 साल की उम्र पूरी कर चुके 17 स्कोरर को सेवानिवृत करने के फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है. रविवार को मुंबई में एजीएम के एक सदस्य ने यह मसला उठाया था.

एजीएम में मौजूद एक सदस्य ने पीटीआई से कहा, ‘बोर्ड ने गैर अंतरराष्ट्रीय मैचों में मैच के दिनों के लिये मेजबानी शुल्क के रूप में टोकन राशि एक लाख रूपये प्रतिदिन निर्धारित की है. हमने इसमें संशोधन करने के लिए कहा और जिन दिनों मैच न हो उनके लिए भी शुल्क का प्रस्ताव रखा ताकि टीम के अभ्यास सत्र से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं और यात्रा से जुड़ी लागत की भरपाई हो सके.’

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वर्तमान घरेलू सत्र के शुरू होने पर 17 स्कोररों को जबर्दस्ती सेवानिवृत कर दिया गया जबकि उन्हें पूर्व में इसकी जानकारी भी नहीं दी गयी थी.

सदस्य ने कहा, ‘इस बारे में बीसीसीआई ने कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी जिससे वे अधर में लटक गये क्योंकि उन्होंने कभी ऐसा नहीं सोचा था. हम चाहते हैं कि बोर्ड कम से कम इस सत्र के लिए इस फैसले पर पुनर्विचार करे ताकि वे अपने भविष्य के लिए योजना बना सकें.’