भारतीय क्रिकेट टीम में यो-यो टेस्ट (Yo-Yo Test) आने के बाद खिलाड़ियों की फिटनेस एक अलग ही स्तर पर है. टीम इंडिया के खिलाड़ी अब मैदान पर हर वक्त मुस्तैद नजर आते हैं और उनकी फील्डिंग का स्तर अब दुनिया की किसी भी टीम से पीछे नहीं है. लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों की फिटनेस को एक और नए मुकाम पर ले जाने पर विचार कर रहा है. बीसीसीआई यो-यो टेस्ट के बाद एक नए फिटनेस टेस्ट को टीम में लागू करने की प्लानिंग में लगा है.Also Read - IND vs SA: करारी शिकस्‍त देने के बावजूद ग्रीम स्मिथ ने टीम इंडिया-BCCI को कहा शुक्रिया, जानें क्‍या है वजह ?

यो-यो टेस्ट की तरह भारतीय टीम में खेलने वाले हर खिलाड़ी को यह नया भी पास करना जरूरी होगा. इस टेस्ट को पास करने के बाद ही खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बन पाएगा. यह नया टेस्ट 2 किलोमीटर की दौड़ लगाने का है, जिसमें टीम के सभी खिलाड़ियों को एक निश्चित समय के भीतर इसे पूरा करना होगा. Also Read - अगर Virat के नाम 50-60 टेस्‍ट जीत होती तो बहुत से लोग ये हजम नहीं कर पाते : रवि शास्‍त्री

अंग्रेजी दैनिक द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों को इस टेस्ट को पास करने के लिए 2 किलोमीटर की यह दूरी 8.15 सेकंड में पूरी करनी होगी, जबकि इतनी ही दूरी दूसरे खिलाड़ियों को 8.30 मिनट में पूरी करनी है. इसके अलावा यो-यो टेस्ट को पास करने के लिए सभी को 17.1 का स्कोर ही हासिल करना होगा. Also Read - Virat Kohli के खिलाफ लोग हैं, उनसे कप्तानी छुड़वाई गई: Shoaib Akhtar

बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली (Saurav Ganguly) और सचिव जय शाह (Jay Shah) की मंजूरी के बाद, बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े खिलाड़ियों को इसकी जानकारी दे दी गई है. खिलाड़ियों को बताया गया है कि इस टेस्ट के लिए बोर्ड ने 3 विंडो बनाई है, जिसके तहत यह टेस्ट, फरवरी, जून और अगस्त या सितंबर में होंगे.

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इस अखबार को बताया, ‘बोर्ड मानता है कि यो-यो टेस्ट के चलते हमारे खिलाड़ियों का फिटनेस स्तर एक स्तर ऊपर उठा है. अब यह जरूरी है कि खिलाड़ियों की फिटनेस एक नए स्तर पर लेकर जाया जाए. टाइम ट्रायल की यह एक्सरसाइज (तय समय में निश्चित दूरी की दौड़) खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धा करने में मददगार होगी. बोर्ड हर साल फिटनेस के इन स्तर को अपडेट करता रहता है.’