भारत में पहला डे-नाइट टेस्ट आयोजित करने के पीछे जिस शख्स का अथक प्रयास लगा था वो हैं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के नए अध्यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly)। गांगुली ने बोर्ड प्रेसीडेंट के पद पर नियुक्त होने के बाद उनका पहला बड़ा फैसला था भारत और बांग्लादेश के बीच कोलकाता में होने वाले टेस्ट को डे-नाइट फॉर्मेट में बदलना।

गांगुली के कहने पर मौजूदा कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) जो कि ऑस्ट्रेलिया में गुलाबी गेंद से खेलने को तैयार नहीं थे, वो भी डे-नाइट टेस्ट के लिए राजी हो गए। गांगुली पिंक बॉल टेस्ट को बढ़ावा देने वालों में से एक हैं लेकिन वो भी एक सीरीज में दो डे-नाइट टेस्ट कराने की बात से सहमत नहीं है।

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दरअसल ईएसपीएनक्रिकइंफो की एक खबर के मुताबिक क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया अगले साल होने वाले भारत दौरे पर बीसीसीआई को ऑस्ट्रेलिया में दो डे-नाइट टेस्ट मैच खेलने के लिए राजी करने की कोशिश करेगा। दरअसल कंगारू टीम को जनवरी 2020 में वनडे सीरीज के लिए भारत का दौरा करना है और इसी दौरान सीए अध्यक्ष एर्ल एडिंग्स के नेतृत्व में सीए का एक प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा जो इस बारे में बीसीसीआई अधिकारियों से बात करेगा।

इस पर गांगुली ने कहा, “भारत दो दिन-रात टेस्ट मैच खेलेगा या नहीं, ये अभी निश्चित नहीं है। चार में से दो (दिन-रात टेस्ट) गुलाबी गेंद के साथ कुछ ज्यादा ही होगा। हम इसे देखेंगे। मैंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड से इस बारे में अभी तक कुछ भी नहीं सुना है। लेकिन मैंने आज सुबह ही अखबारों में इस बारे में पढ़ा है। आने वाले समय में हम इसका हल निकाल लेंगे।”