नई दिल्ली.  पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने बीसीसीआई के खिलाफ मुआवजे के दावे को लेकर आईसीसी विवाद निबटान समिति के समक्ष चल रही सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट खेलने से भारत के इनकार को सही ठहराया. सोमवार को शुरू हुई सुनवाई से तय होगा कि बीसीसीआई 2015 से 2023 के बीच छह द्विपक्षीय श्रृंखलायें खेलने संबंधी तथाकथित सहमति पत्र को नहीं मानने पर पीसीबी को 447 करोड़ रूपये का मुआवजा देगा या नहीं.

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बीसीसीआई के एक अधिकारी ने अदालत में खुर्शीद के बयान का हवाला देते हुए कहा ,‘‘ खुर्शीद की मौजूदगी से पीसीबी हैरान रह गया. उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पूर्व विदेश मंत्री जिरह के लिये आयेंगे. वह भी कानून के विशेषज्ञ बनकर. उन्होंने यूपीए का पक्ष रखा कि भारत ने 2008 के मुंबई हमले के बाद से पाकिस्तान का दौरा क्यों नहीं किया .’’  खुर्शीद उस समय भारत के विदेश मंत्री थे. बीसीसीआई ने उन्हें आज बचाव पक्ष के प्रमुख गवाह के रूप में पेश किया. सुनवाई के दौरान उनके बयान को लेकर प्रतिक्रिया के लिये उनसे संपर्क नहीं हो सका.

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उन्होंने कहा ,‘‘ जिरह के दौरान खुर्शीद ने समिति को बताया कि यूपीए सरकार ने दुनिया भर की खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर काम किया कि पाकिस्तान में खिलाड़ियों को खतरा है. उन्होंने बताया कि आतंकी हमले के बाद भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान भेजना क्यों नामुमकिन था.’’  सुनवाई के दौरान आईपीएल के पूर्व सीईओ सुंदर रमन, बीसीसीआई के पूर्व महाप्रबंधक (खेल विकास) प्रोफेसर रत्नाकर शेट्टी , आईसीसी के मौजूदा अध्यक्ष शशांक मनोहर और बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय पटेल से भी पूछताछ की जायेगी.