भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने राज्य संघों को मानक संचाल प्रक्रिया (SOP) जारी की है जिसमें 60 साल से अधिक के व्यक्ति ट्रेनिंग शिविर का हिस्सा नहीं हो सकते। ऐसे में अब अरुण लाल (Arun Lal) और ऑस्ट्रेलिया के डेव वाटमोर (Dave Whatmore) को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। मौजूदा समय में अरुण लाल बंगाल (Bengal) और वाटमोर बड़ौदा टीम (Baroda) के कोच हैं। Also Read - सीरो सर्वे 2: 8.7 करोड़ लोग कोरोना के संपर्क में आए, 15 में से 1 के पास एंटीबॉडी

वाटमोर बड़ौदा और अरुण लाल बंगाल को कोचिंग दे रहे थे  Also Read - कार्यस्थल पर कैसे करें कोरोना से सुरक्षा? भारत सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश

अप्रैल में 66 साल के वाटमोर को बड़ौदा का कोच नियुक्त किया गया था जबकि 65 साल के अरुण लाल के मार्गदर्शन में बंगाल ने मार्च में रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy)  फाइनल में जगह बनाई थी. Also Read - United Nations On Coronavirus Death: कोरोना से हो रही मौतों पर संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, आया यह बयान

बीसीसीआई के 100 पन्ने से अधिक के एसओपी के एक दिशानिर्देश के अनुसार, ‘60 साल से अधिक की उम्र के सहयोगी स्टाफ, अंपायर, मैदानी स्टाफ और मधुमेह जैसी बीमारियों का उपचार करा रहे लोग, कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए कोविड-19 को जोखिम अधिक माना जा रहा है.’

इसके अनुसार, ‘सरकार के उचित दिशानिर्देश जारी करने तक ऐसे व्यक्तियों को शिविर की गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोका जाना चाहिए.’ अरुण लाल और वाटमोर दोनों सत्र पूर्व ट्रेनिंग शिविर में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

‘यह बेहद दुभाग्यपूर्ण है’

बंगाल क्रिकेट संघ (CAB) के अध्यक्ष अविषेक डालमिया (Avishek Dalmiya) प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं थे लेकिन बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ‘यह एसओपी है. किसी भी टीम के लिए नियमों का उल्लंघन बेहद मुश्किल होगा. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अरुण लाल या वाटमोर जैसे कोच को बाहर रहना होगा.’