नई दिल्ली. टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के मामले में फैसला आना अभी बेशक बाकी हो लेकिन उनसे पहले मुंबई अंडर-16 टीम के कप्तान मुशीर खान को उनका फैसला सुना दिया गया है. मुंबई क्रिकेट एसोशिएसन ने मुशीर खान पर उनके गलत व्यवहार के लिए सख्त कार्रवाई की है और 3 साल का बैन लगाया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई क्रिकेट एसोशिएसन की मैनेजिंग कमिटी ने मुशीर को उनका फैसला मामले की पूरी छानबीन में उन्हें दोषी पाए जाने के बाद सुनाया है. मुंबई के U-16 कप्तान मुशीर खान के खराब बर्ताव को लेकर उनके टीम मेट वेदांता गाडिया और टीम मैनेजर विग्नेश कदम ने शिकायत की थी. ये घटना विजय मर्चेन्ट ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले के वक्त की है , जिसमें मुंबई को उत्तर प्रदेश के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.

3 साल के लिए बैन हुए मुशीर

मामले की जांच करते वक्त कमिटी ने गाडिया, कदम और मुशीर तीनों के बयान बारी-बारी से सुने. इनके अलावा टीम के दूसरे सदस्य वरुण राव, सौरभ सिंह और मुबई U-16 कोच संदेश कांवले के भी बयान सुने गए. यही नहीं मामले पर U16 के चीफ सलेक्टर अतुल रानाडे के बयान को भी सुना गया. एक बार जब सारे पक्षों को सुनकर तसल्ली कर ली गई तो MCA के चीफ एक्ज्यूकिटिव सीएस नाइक और उन्मेश खानविल्कर ने सस्पेंशन लेटर पर दस्तखत किए.

बैन के खिलाफ अपील कर सकते हैं

मुंबई के U16 कप्तान मुशीर खान पर लगे 3 साल के बैन का मतलब है वो जनवरी 2022 तक नहीं खेलेंगे. हालांकि, अपने सस्पेंशन को लेकर वो आगे अपील कर सकते हैं.