लंदन: इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने जब हरफनमौला खिलाड़ी बेन स्टोक्स को सुपरह्यूमन (महामानव) का तमगा दिया तो उनके शब्दों में बनावट नहीं थी. आईसीसी विश्व कप-2019 के फाइनल में उनका जो प्रदर्शन रहा वो शानदार रहा. साथ ही टीम के फाइनल तक के सफर में उन्होंने अहम योगदान दिया. फाइनल में बेहतरीन पारी खेल हीरो बनने वाले स्टोक्स एक साल पहले विलन, कलंक, बिगडैल बच्चा थे. लेकिन मैदान पर उनके प्रदर्शन ने तय कर दिया है कि वह अब राष्ट्रीय हीरो कहलाएंगे. इयान बॉथम के साथ इंग्लैंड के महानतम हरफनमौला खिलाड़ी. Also Read - KKR vs RR HIGHLIGHTS: करो या मरो वाले मैच में कोलकाता ने राजस्थान को हराया, ये हैं उसकी जीत के 5 हीरो

Also Read - KKR vs RR: दिनेश कार्तिक ने पकड़ा बेन स्टोक्स का सुपरमैन कैच, देखें- VIDEO

क्या किस्मत से वर्ल्ड कप जीती इंग्लैंड? कप्तान इयोन मोर्गन बोले- अल्लाह हमारे साथ थे Also Read - IPL 2020: कप्तान स्टीव स्मिथ बोले-दुनिया के सबसे मूल्यवान खिलाड़ियों में से एक हैं बेन स्टोक्स

दिलचस्प तथ्य है कि इंग्लैंड को वर्ल्ड कप जिताने और न्यूजीलैंड को हराने के सूत्रधार बने बेन स्टोक्स का जन्म भी न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में हुआ था. एक और रोचक तथ्य ये है कि बेन स्टोक्स के पिता गेर्राड स्टोक्स न्यूजीलैंड की नेशनल रग्बी टीम की ओर से खेल चुके थे. बेन स्टोक्स के पिता न्यूजीलैंड में ही रहते हैं. निश्चित ही वह न्यूजीलैंड में रहते हुए न्यूजीलैंड की जीत की दुआ कर रहे होंगे, लेकिन वहीं उनके बेटे ने इंग्लैंड को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभा दी. बेन स्टोक्स परिवार के साथ बचपन में इंग्लैंड आ गए थे, लेकिन कुछ समय बाद उनके पिता वापस न्यूजीलैंड लौट गए थे.

स्टोक्स खूब विवादों में रहे. 25 सितंबर 2017 को एक नाइट क्लब के बाहर स्टोक्स के गिरफ्तार होने की खबर आई थी. बाद में कहा गया कि वह सिर्फ दो मासूम लोगों का बचाव कर रहे थे. उस घटना के जो वीडियो सामने आए उसमें पता चला कि वह दो लोगों को पीट रहे थे. इससे उन्हें हालांकि मदद नहीं मिली. उन्हें मामले की सुनवाई का फैसला न आने तक टीम से बाहर कर दिया गया था. 11 महीने के बाद स्टोक्स को निर्दोष साबित किया गया था.

‘अंपायर की इस गलती से सुपर ओवर में पहुंचा मैच, वरना इंग्लैंड नहीं न्यूज़ीलैंड होता चैंपियन’

रविवार को यह सब बदल गया. उन्होंने एकतरफा अंदाज में इंग्लैंड को फाइनल में ऐतिहासिक जीत दिलाई. मैच के बाद मोर्गन ने स्टोक्स की तारीफ भी की. मोर्गन ने कहा, “वह जो थे वहां से आना अविश्नवसनीय है. वह लगभग सुपरह्यूमन हैं. वह वाकई टीम का और हमारे बल्लेबाजी क्रम का भार उठाते हैं. मैं जानता हूं जोस बटलर और उनकी साझेदारी बेहतरीन थी, लेकिन निचले क्रम के साथ बल्लेबाजी करना वो भी जिस तरह से उन्होंने की वो अविश्वसनीय था.”

उन्होंने कहा, “माहौल, जो भावनाएं जो पूरे मैच के दौरान चल रही थीं, उन्होंने बेहतरीन तरीके से उन्हें संभाला. हर कोई जो टीवी पर मैच देख रहा होगा वो बेन स्टोक्स जैसा बनना चाहेगा.” मोर्गन ने टी-20 विश्व कप 2016 का वो फाइनल मैच भी याद किया जिसमें वेस्टइंडीज के कार्लोस ब्रैथवेट ने स्टोक्स पर चार छक्के मार इंग्लैंड के मुंह से जीत छीन ली थी. मोर्गन ने कहा, “हां, मैंने यह कई बार कहा है कि कोलकाता में जो स्टोक्स के साथ हुआ वो किसी और के साथ होता तो कई करियर तबाह हो जाते. स्टोक्स कई मौकों पर अकेले और हमारे साथ भी खड़े रहे. आज का दिन उनका बेहतरीन दिन था और हम इसके लिए उनके शुक्रगुजार हैं.” साफ तौर पर लॉर्ड्स में जो हुआ उसके बाद काफी संभावनाएं हैं कि स्टोक्स को सर्वश्रेष्ठ हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर याद किया जाएगा. फाइनल में जीत के सूत्रधार रहे इस हरफनमौला का नाम इतिहास में हमेशा के लिये दर्ज हो गया.

वर्ल्ड कप के नतीजे पर ‘विवाद’, कीवी मीडिया ने कहा- छली गई हमारी टीम, हम थे ट्रॉफी के सही हकदार

एक शानदार कैच लपककर विश्व कप में आगाज करने वाले स्टोक्स टूर्नामेंट के आखिर में खुशी के आंसू पोछते नजर आये. फाइनल में नाबाद 84 रन बनाकर मैन आफ द मैच रहे स्टोक्स ने सुपर ओवर में जोस बटलर के साथ 15 रन बनाये. न्यूजीलैंड ने भी सुपर ओवर में 15 रन बनाये लेकिन ज्यादा चौकों छक्कों के कारण इंग्लैंड विजेता रहा. स्टोक्स ने जीतने के बाद कहा,‘‘मेरे पास शब्द नहीं है. मैने बहुत मेहनत की और अब दुनिया के सामने हम चैम्पियन बनकर खड़े हैं. यह अद्भुत है. इस तरह के लम्हों के लिये ही आप क्रिकेटर बनते हैं.’’

आस्ट्रेलिया में ब्रिस्टल में नाइटक्लब के बाहर झगड़े के कारण स्टोक्स 2017 . 18 की एशेज श्रृंखला नहीं खेल सके थे. उसके बाद साथी खिलाड़ियों ने टीम में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और विश्व कप में अपने प्रदर्शन से इस हरफनमौला ने उसका बदला चुकाया. न्यूजीलैंड में जन्में स्टोक्स ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले ही मैच में एंडिले फेलुक्वायो का शानदार कैच लपका था. उसके बाद नाबाद 82 और 89 रन बनाये . भारत के खिलाफ करो या मरो के मैच में उन्होंने 79 रन जोड़े.

ICC World Cup Final: इंग्लैंड को खिताब दिलाने वाले नियम की आलोचना, गौतम गंभीर और युवराज सिंह ने कही ये बात

न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में चार विकेट जल्दी निकलने के बाद वह इंग्लैंड के ‘संकटमोचक’ बने. उनके बल्ले से टकराकर ‘ओवरथ्रो’ पर गेंद जिस तरह से चार रन के लिये गई. इससे बानगी मिल गई कि यह दिन उनका था, उनकी टीम का था. यह सफर पिछले विश्व कप से पहले दौर से बाहर हुई इंग्लैंड की टीम का ही नहीं था बल्कि उसके इस होनहार खिलाड़ी का भी था. दुनिया को क्रिकेट सिखाकर कभी खुद खिताब नहीं जीत पाने का मलाल इंग्लैंड ने दूर किया, वहीं खलनायक से महानायक बने स्टोक्स ने जिजीविषा, जुझारूपन और हार न मानने के जज्बे की नयी मिसाल पेश की.