इंग्लिश ऑलराउंडर बेन स्टोक्स का कहना है कि अगर उनके पास विकल्प होता तो वो अपने पिता को अस्पताल से दूर रखने के लिए साल 2019 में मिली सारी सफलता वापस दे देते।

दरअसल स्टोक्स के पिता गेड इंग्लैंड टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गए अपने बेटे को खेलता देखने के लिए सेंचुरियन पहुंचे थे। हालांकि मैच के दौरान तबियत खराब होने की वजह से उन्हें जोहान्सबर्ग के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। स्टोक्स अब दूसरे टेस्ट में खेलने के लिए टीम के साथ केपटाउन आ गए हैं। हालांकि उनकी मां डेबोरा उनके बीमार पिता के साथ अस्पताल में रुकी हुई हैं।

स्टोक्स ने कहा, “बीते साल कुछ अविश्वसनीय सफलताएं मिली और कुछ असफलताएं भी देखीं लेकिन अपने पिता को अस्पताल में देखकर वास्तविकता का एहसास हुआ। अगर कोई ये कह सकता है कि ‘वो इस साल मिली सारी सफलता ले लेगा, लेकिन मेरे पिताजी खुश और स्वस्थ हो जाएंगे हैं और आपको क्रिकेट खेलते हुए देख सकेंगे’ तो मैं कहूंगा कि हां, ऐसा कर दीजिए।”

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स्टोक्स के लिए 2019 बेहद सफल रहा, उन्होंने इंग्लैंड पुरुष टीम को पहला वनडे विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। वहीं एशेज सरीज में स्टोक्स की शतकीय पारी के दम पर इंग्लैंड ने हेडिंग्ल में एक विकेट से शानदार जीत हासिल की। जिसके दम पर इंग्लैंड सीरीज बराबर कर सका। स्टोक्स को बीबीसी ने साल की सर्वश्रेष्ठ खेल हस्ती का अवार्ड भी दिया था।

गौरतलब है कि सेंचुरियन टेस्ट के दौरान स्टोक्स के पिता के अलावा इंग्लैंड टीम के कई खिलाड़ी भी एक-एक कर बीमार पड़ गए थे, हालांकि किसी की हालत गंभीर नहीं थी। स्टोक्स का कहना है कि टीम ने इस दौरे को ‘मनहूस’ नाम दिया है।

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उन्होंने कहा, “हमने इसे ‘मनहूस दौरा’ नाम दिया है क्योंकि अभी तक ये एक टीम के तौर पर सीरीज की तैयारी करने को लेकर ये हमारे लिए अच्छा नहीं रहा है। ये कोई बहाना नहीं है लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि लोग ये समझें कि ये मानसिक और शारीरिक तौर पर कितना चुनौती पूर्ण था। रात को उठना, नींद नहीं आना, खाना नहीं खा पाना, इन सब चीजों का प्रभाव पड़ा है और मैच के दौरान आपको इसका एहसास होता है।”

इन सब चीजों के बावजूद स्टोक्स न्यूलैंड्स स्टेडियम जो कि उनके पसंदीदा मैदानों में से एक है, वहां दूसरा टेस्ट खेलने के लिए उत्साहित हैं।