नई दिल्ली: भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देने की घोषणा की और कहा कि वह अब किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। देश के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी ने ट्वीट कर तृणमूल कांग्रेस के सभी आधिकारिक एवं राजनीति पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा की. भूटिया 2014 लोकसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे. Also Read - MLA पद से Mukul Roy को अयोग्य ठहराने की मांग, Suvendu Adhikari ने स्पीकर को दी याचिका

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उन्होंने कहा, “मैं आज आधिकारिक रूप से अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी की सदस्यता, सभी आधिकारिक और राजनीतिक पद से इस्तीफा देता हूं. मैं अब भारत के किसी भी राजनीतिक पार्टी का हिस्सा नहीं हूं.” Also Read - पूर्व भारतीय फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया के पुतले क्यों जलाए जा रहे हैं? सिक्किम में जमकर हो रहा है विरोध

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वर्ष 2014 में, तृणमूल ने भूटिया को दार्जिलिंग लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें इस सीट से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्हें वर्ष 2016 में भी सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा था. अपने दो दशक लंबे कैरियर में भूटिया 12 वर्षो तक देश की राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की. उन्होंने ब्यूरी एफसी की तरफ से इंग्लिश प्रोफेशनल लीग में भी हिस्सा लिया था.

गौरतलब है कि बाईचुंग भूटिया ने 2011 में फुटबॉल जगत से संन्यास ले लिया था. उन्होंने राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए 100 मुकाबले खेले हैं. वह यूरोपीय क्लब में खेलने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं. तीन बार ‘इंडियन प्लेयर ऑफ द ईयर’ का पुरस्कार जीत चुके भूटिया ने आई-लीग में ईस्ट बंगाल क्लब के साथ चार सत्र तक खेल चुके हैं.

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अर्जुन और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित भूटिया पहले ऐसे भारतीय भी हैं, जिन्होंने तिब्बती स्वतंत्रता आंदोलन के समर्थन हेतु ओलंपिक मशाल रिले का बहिष्कार किया था. 2014 में भूटिया को एशियन फुटबॉल ‘हाल ऑफ फेम’ में शामिल किया था.