नई दिल्ली. हिदुस्तान में एक कहावत है, नाम बड़े और दर्शन छोटे. लेकिन, टीम इंडिया तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार, जो अब किसी पहचान के मोहताज नहीं और जिन्हें वर्ल्ड क्रिकेट को स्विंग का सुल्तान मानने पर एतराज नहीं, उनके साथ ऐसा नहीं है. भुवनेश्वर के जन्म पर पंडित ने उनकी सूरत देखकर ही कह दिया इसका नाम बड़ा रखना तभी ये बड़ा काम करेगा. लिहाजा, मां-बाप ने भुवनेश्वर नाम दिया, जो आज की तारीख में इंडिया ही नहीं दुनिया भर में अपनी गेंदबाजी को लेकर मशहूर है.

29 साल के हो गए भुवी

भुवनेश्वर आज अपना 29वां बर्थ डे मना रहे हैं. 5 फरवरी 1990 को भुवनेश्वर का जन्म यूपी के छोटे से शहर मेरठ में हुआ था. लेकिन, तब शायद ही किसी ने ये सोचा होगा कि छोटे शहर के इस लड़के की लहर एक दिन पूरे वर्ल्ड क्रिकेट में होगी. बहरहाल, बड़ा सवाल ये है कि भुवनेश्वर कुमार के स्टार बनने की शुरुआत कैसे हुई. इसके पीछे पंडित के बड़े नाम रखने वाला नुस्खा जरूर हो सकता है लेकिन उससे भी बढ़कर है उनकी मेहनत और काबिलियत. वो 13 गेंदें जिसने उन्हें गुमनामी के अंधेरे से बाहर निकलकर स्टारडम को जीने का मौका दिया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके 13 गेंदों ने क्रिकेट के भगवान को हिला दिया था.

भुवी की 13वीं गेंद

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि हम यहा किस भुवनेश्वर की कौन सी पिक्चर आपको दिखाने वाले हैं. अगर फिर भी नहीं समझे तो खुद ही देख लीजिए.

भुवनेश्वर Vs सचिन

ये वीडियो महज उस 13वीं गेंद का है, जो भुवी ने सचिन को फेंकी थी और जिस पर क्रिकेट के भगवान के पांव क्रीज से उखड़ गए थे. इससे पहले भुवी ने जो 12 गेंदें सचिन को डाली उस पर मास्टर ब्लास्टर के लिए रन बनना तो दूर उसे छू पाना भी मुश्किल हो गया. नतीजा, ये हुआ कि भारतीय सरमजीं पर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर को पहली बार बिना खाता खोले ही पवेलियन जाना पड़ा. बता दें कि सचिन के खिलाफ भुवी की ये सफलता की कहानी जनवरी 2009 में हैदराबाद में खेले मुंबई बनाम यूपी के बीच के रणजी मुकाबले की है.

सफलता के चरम पर भुवी

ग्लेन मैक्ग्रा की तरह बनने की ख्वाहिश रखने वाले भुवी के लिए यही वो पहला मौका था जब वो खबरों में छाए और उनके एक आम क्रिकेटर से खास बनने का सफर शुरू हुआ. आज भुवी भारत ही नहीं दुनिया भर गेंदबाजों के बीच एक बड़ा नाम है. वो पहले ऐसे भारतीय गेंदबाज हैं जिसके नाम क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में 5 विकेट लेने का कमाल शामिल है.