नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी एंडी बिकेल ने वर्ल्ड कप 2019 से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ियों की तारीफ की. इसके साथ-साथ उन्होंने भारतीय टीम को सुझाव भी दिया, जो कि मैच जीतने में सहायक बन सकते हैं. बिकेल ने भारतीय तेज गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा, “भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण शानदार है. जसप्रीत बुमराह विश्व स्तर के गेंदबाज हैं. उन्होंने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया है. देखना होगा कि क्या वह ऐसा विश्व कप में कर पाते हैं? क्योंकि यह लंबा टूर्नामेंट हैं और उन्हें हर मैच में 10 ओवर फेंकने हैं.”

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी की भी तारीफ की है. उन्होंने कहा, “भुवनेश्वर कुमार भी इंग्लैंड की स्थिति में विश्व स्तर के गेंदबाज हैं. वह गेंद को दोनों तरफ स्विंग करा सकते हैं, लेकिन मोहम्मद शमी ने मुझे वाकई हैरान किया है. उनकी ताकत निरंतरता है. वह न सिर्फ 140 की स्पीड से लगातार गेंद डाल सकते हैं. भारत के लिए विश्व कप जीतने के लिए अहम होगा कि वह इन तीनों का ख्याल रखे और क्योंकि टूर्नामेंट जुलाई तक चलना है. यह भारत के लिए चुनौती है.”

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बिकेल का कहना है कि भारत को अगर विश्व कप जीतना है तो उसके हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा को मध्य के ओवरों में अच्छा करना होगा.

उन्होंने कहा, “अगर भारत को विश्व कप जीतना है तो हार्दिक और जडेजा को अच्छा प्रदर्शन करना होगा क्योंकि मध्य के ओवरों पर काफी कुछ निर्भर करता है. मध्य के ओवरों में जब आप स्पिन को पकड़ नहीं पाते हो या विकेट जब गिरता है तो तेज गेंदबाज वापस आ जाते हैं. अगर आप मध्य के ओवरों में आठ-नौ की रन रेट नहीं चला रहे हो, आप स्पिनरों को पढ़ नहीं पा रहे हो ऐसे में जब स्टार्क और बुमराह जैसे गेंदबाज वापस आ जाते हैं तो परेशानी होती है क्योंकि वनडे हाई स्कोरिंग गेम है जहां आपको ज्यादा रनों की जरूरत है.”

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बीते कुछ दिनों में भारत की स्पिन जोड़ी-कुलदीप चहल और युजवेंद्र चहल ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है. इंग्लैंड में भी यह जोड़ी अच्छा कर सकती है. बिकेल का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन के लिए यह परेशानी होगी कि किसे अंतिम-11 में मौका दें.

बिकेल ने कहा, “भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री के लिए यह काफी अहम सवाल होगा कि वह इन दोनों में से किसे खेलाएं. हो सकता है कि टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में वह इन दोनों को एक साथ खेलाएं, लेकिन इसके लिए उन्हें अपने शीर्ष-6 बल्लेबाजों में आत्मविश्वास होना चाहिए. वहीं जडेजा भी टीम में हैं. उनके पास इंग्लैंड में खेलना का अनुभव भी है. भारत के पास छह-सात गेंदबाज हो परेशानी में काम आ सकते हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पास ऐसा नहीं है.”