विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा की चोट को लेकर हुए पूरे विवाद के बाद मुश्किल में फंसी बीसीसीआई (BCCI) की नेशनल क्रिकेट अकादमी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) की चोट इसकी वजह बनी है।

दरअसल एनसीए के विशेषज्ञों ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 में खेलने के लिए भुवनेश्वर को क्लीन चिट दे दी थी लेकिन बाद में पुरानी चोट के फिर से उबरने पर उन्हें वनडे सीरीज से बाहर कर दिया गया। जिसके बाद विशेषज्ञों की योग्यता पर सवाल खड़े हो गए हैं। भुवनेश्वर को हार्निया की शिकायत है। लेकिन एनसीए की टीम उनकी चोट को समझ पाने में असफल रही है और राष्ट्रीय टीम से दो मैच खेलने के बाद ही एक बार फिर वो चोटिल हो गए हैं।

अधिकारी ने कहा, “वो तीन महीने तक एनसीए में थे और बेंगलुरू में उनके कितने टेस्ट हुए, इसमें जाने के बजाए मैं ये कह सकता हूं कि उनकी सभी तरह से जांच कर ली गई थी। लेकिन उनका हार्निया ठीक नहीं हुआ। जैसे ही मुंबई में दोबारा उनकी जांच की गई ये सामने आ गया।”

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उन्होंने कहा, “ऐसा पहली बार नहीं है कि खिलाड़ी को एनसीए में इस तरह की परेशानी हुई हो। ऋद्धिमान साहा का भी एक उदाहरण हमारे सामने है और अब वो न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। हम सब जानते हैं कि वो टीम में क्या लेकर आते हैं। उनके पास स्विंग और सीम है। वो सर्जरी कराएंगे और आईपीएल के समय तक वापसी करेंगे।”

उन्होंने कहा, “अच्छी बात ये है कि भुवनेश्वर ने टीम मैनेजमेंट को जल्दी बता दिया कि उन्हें परेशानी हो रही है और नितिन तथा सपोर्ट स्टाफ ने भी उस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। हमने प्रोटोकॉल का पालन किया था और उन्हें तभी टीम में लाया गया था जब उन्हें फिट घोषित कर दिया गया था।”

एनसीए नहीं जाना चाहते बुमराह-पांड्या

वहीं ऐसी खबर है कि हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) और जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने भी रीहैब के लिए एनसीए जाने से मना कर दिया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि प्रोटोकॉल के मुताबिक बोर्ड के कॉन्ट्रेक्ट से जुड़े खिलाड़ियों को रीहैब के लिए एनसीए जाना पड़ता है लेकिन पांड्या और बुमराह ने साफ कर दिया है कि वो बेंगलुरू नहीं जाएंगे।

अधिकारी ने कहा, “पांड्या और बुमराह दोनों ने टीम मैनेजमेंट से साफ कह दिया है कि वो रीहैब के लिए अकादमी नहीं जाएंगे और इसलिए योगेश परमार पांड्या पर नजर बनाए हुए हैं जबकि नितिन पटेल ने बुमराह पर कड़ी नजर रखी है। हां, ये लोग अनुबंधित खिलाड़ी हैं और उन्हें एनसीए में होना चाहिए था, लेकिन जोखिम ज्यादा है और खिलाड़ी चोटों को लेकर गंभीर हैं। इसलिए एक समय के बाद आपको खिलाड़ियों को आजादी देनी होती है कि वो अपने हित को लेकर फैसले ले सकें।”