भारतीय क्रिकेट टीम की इतिहास में ऐसे कई खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने खेल और खेलने के तरीके से दुनिया भर में एक अलग पहचान बनाई है. जब कभी टेस्ट क्रिकेट की बात आती है इस बल्लेबाज के बिना वो बात कभी पूरी नहीं हो सकती है. टीम इंडिया का एक ऐसा सितारा जिसके चेहरे पर लाख दबाव के बावजूद भी हसीं होती थी और जब वो बल्ला चलाता था तब गेंद जमीन की चादर को ओढ़ते हुए सीमा रेखा के पार जाती थी. आज भारतीय क्रिकेट के ऐसे ही एक धुरंधर बल्लेबाज का जन्मदिन है जिसे टेस्ट क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों की सूची में गिना जाता है और दुनिया उसे वीवीएस लक्ष्मण (VVS Laxman) के नाम से जानती है.

ये पारी हमेशा याद की जाएगी 

आज लक्ष्मण 45 साल के हो गए हैं. उन्होंने अपने करियर में ना जाने कितने रिकार्ड्स बनाए और तोड़े हैं मगर उन सब में से कुछ ऐसी पारियां भी है जिसे हमेशा याद किया जाता है. कोलकाता टेस्ट में जब टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ संघर्ष कर रही थी तब लक्ष्मण की 281 रनों की पारी ने देश भर को आशा की एक किरण भेंट की थी. इस जबरदस्त पारी की बदौलत भारत ने फॉलोऑन खेलने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया को इस टेस्ट मैच में हरा दिया था और भारत ने टेस्ट क्रिकेट का एक नया मसीहा पा लिया था.

एक नजर करियर पर

लक्षमण ने अपने क्रिकेट करियर में 134 टेस्ट और 86 वनडे मैच खेले. टेस्ट में उन्होंने 45.97 के औसत से 8781 रन बनाए जिसमें 17 सेंचुरी और 56 हाफ सेंचुरी शामिल रहीं. वहीं 86 वनडे में उन्होंने 2338 रन बनाए जिसमें छह शतक और 10 फिफ्टी के साथ उनका औसत 30.76 था.

ऑस्ट्रेलिया थी पसंदीदा विपक्षी टीम 

यूं तो लक्ष्मण ने सभी टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है मगर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने कई सारे रिकार्ड्स बनाए हैं. ऐसा कहा जाता था की वीवीएस की पसंदीदा क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया की ही है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा 29 टेस्ट खेले, अपने करियर का पहला शतक ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ लगाया. और वे सचिन के बाद इकलौते भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2000 से ज्यादा रन (2334) बनाए हैं. उनके करियर के सबसे ज्यादा शतक (6) भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही लगे और विदेशों में भी सबसे ज्यादा शतक ऑस्ट्रेलिया में लगे.

चौके लगाने में माहिर 

भारतीय क्रिकेट टीम के इस घातक खिलाड़ी ने पूरी दुनिया में अपने चौकों से हड़कंप मचा दिया था. लक्षमण ने अपने टेस्ट करियर में केवल 5 और वनडे में केवल 4 छक्के जड़े, लेकिन उनके नाम टेस्ट में 1135 और वनडे की 83 पारियों में 222 चौके हैं. आज भी लक्ष्मण टीम इंडिया के साथ हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं और देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं.