क्रिकेट की दुनिया का वो सितारा जिसने बहुत कम वक्त में अपनी चमक से धाक जमा ली. भारतीय क्रिकेट टीम का एक ऐसा गेंदबाज जिसने अपनी गेंदबाजी से विपक्षी टीमों का संतुलन बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ा. एक ऐसी नायाब शैली का तेज गेंदबाज जिसके बॉलिंग का एक्शन मात्र बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए काफी था. करीब एक दशक तक टीम इंडिया की गेंदबाजी का दार-ओ-मदार संभालने वाले इस खिलाड़ी का आज जन्मदिन है. हम बात कर रहे हैं दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में गिने जाने वाले जहीर खान (Zaheer Khan) की.

जहीर आज अपना 41वां जन्मदिन मना रहे हैं. महाराष्ट्र के अहमदनगर में जन्में और श्रीरामपुर में रहने वाले इस खिलाड़ी ने बचपन से ही कुछ बड़ा करने की ठान ली थी. पिता फोटोग्राफर और मां टीचर थीं. ऐसा कहते है न… बच्चों की आंख में पलता हुआ सपना सबसे पहले उसका पिता ही देखता है, ठीक इसी प्रकार पढ़ाई लिखाई कर जहीर इंजीनियर बनने की सफर पर निकल पड़े थे मगर उनके दिल में टीम इंडिया का जर्सी पहने एक तेज गेंदबाज हमेशा घर करता था. पिता ने जहीर के दिल की वो आवाज सुनी और कह दिया… ‘बेटा, देश में इंजीनियर तो बहुत हैं मगर खिलाड़ी कम हैं. जाओ, तुम्हें देश के लिए खेलना है.’ पिता की इस उम्मीद और बेटे जहीर के इस आत्मविश्वास ने फिर दुनिया को एक नया इतिहास दे दिया.

जिमखाना क्रिकेट से मुंबई की अंडर 19 टीम, फिर वहां से एमआरएफ पेस अकादमी और फिर टीम इंडिया का हिस्सा बनने तक का सफर जहीर ने खूब मजबूती से पार किया. जहीर ने साल 2000 में केन्या के खिलाफ अंतराष्ट्रीय क्रिकेट का सफर शुरू किया. अपने 14 साल के अंतराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में जहीर ने 610 शिकार कर अपनी अलग पहचान बनाई. इस सफर में उन्होंने 92 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेलें. भारतीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों की सूचि में जहीर चौथे स्थान पर कायम हैं. उनके आगे टीम इंडिया के दिग्गज कपिल देव, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह हैं. मगर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों की बात करें तो इस लिस्ट में जहीर दूसरे नंबर पर आते हैं. जहीर ने अपने करियर में 311 टेस्ट विकेट लिए हैं, वहीं कपिल देव 434 विकेट लेकर शीर्ष पर हैं.

जहीर खान-फोटो:ट्विटर

एक्सपेरिमेंट्स के राजा

‘रिवर्स स्विंग’ और ‘नकेल बॉल’ को परिभाषित करने वाले जहीर ने गेंदबाजी में कई एक्सपेरिमेंट्स किए और वो काफी हद तक कामयाब भी रहे. आए दिन नए तरीके की गेंदबाजी से बल्लेबाजों का पसीना बहा देने वाले इस पेसर ने भारतीय क्रिकेट टीम को गेंदबाजी में एक अलग और नया मुकाम दिलाया. बाएं हाथ की गेंदबाजी में महारत हासिल करने वाले जहीर ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट करने का भी रिकॉर्ड बनाया है.

गजब के थे टेलेन्डर बैट्समैन

बांग्लादेश के खिलाफ साल 2004 में जहीर ने 11वें नंबर के बल्लेबाज के रूप में भी एक रिकॉर्ड बना लिया था. उन्होंने इस पोजीशन पर बैटिंग करते हुए 75 रन बना लिए थे जो उस वक्त के लिए रिकॉर्ड बन गया था. बाद में इस रिकॉर्ड को तोड़ लिया गया. हालांकि इसी पारी में एक और नायाब करिश्मा हुआ जिसे आज तक किसी ने नहीं तोड़ा है. 10वें विकेट के लिए जहीर ने सचिन के साथ 133 रनों की साझेदारी की जो रिकॉर्ड के पन्नों में आज तक दर्ज है.

जहीर खान-फोटो:ट्विटर

चोट से रहे हैं परेशान 

टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद पेसर जहीर खान अपने करियर में चोट की वजह से बहुत परेशान रहे हैं. लंबे लंबे वक्त के लिए मैदान और क्रिकेट से दूर रहने वाले इस खिलाड़ी ने भारतीय क्रिकेट टीम को स्थायी बनाने में अपना बहुत योगदान दिया है. हैमस्ट्रिंग और हड्डी की चोटों के कारण जहीर को इंटरनेशनल क्रिकेट को जल्दी ही अलविदा कहना पड़ा.