भारतीय टीम के पूर्व बल्‍लेबाज संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) रविवार 12 जुलाई यानी आज 55 साल के हो गए हैं. इतिहास गवाह है कि विजय मांजरेकर (Vijay Manjrekar) के बेटे संजय को भारतीय क्रिकेट में एक नए सितारे के रूप में देखा जाता था. ऐसा होना लाजमी भी था क्‍योंकि पाकिस्‍तान जैसी दिग्‍गज टीम के खिलाफ मांजरेकर ने ऐसी-ऐसी पारियां खेली जिसकी किसी ने कल्‍पना भी नहीं की थी.Also Read - एशिया कप में भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान, दर्शकों की भारी तादाद में जुटने की उम्मीद

हालांकि उनके करियर का अंत उतना शानदार नहीं रहा. मांजरेकर ने अपना आखिरी अंतरराष्‍ट्रीय मुकाबला 1996 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला. 37 टेस्‍ट में उनके नाम 37.14 की औसत से 74 रन रहे. वहीं, 74 वनडे में उन्‍होंने 1,194 रन बनाए. Also Read - शोएब अख्तर जानते थे कि वह अपनी कोहनी को मोड़ते हैं और चकिंग भी करते हैं: Virender Sehwag

पाकिस्‍तान के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड Also Read - 'हम भारत के पीछे क्यों भागें? अगर वो चाहते हैं तो आकर पाकिस्तान से खेलेंगे', पूर्व PCB अध्यक्ष का बयान

1989 में भारतीय टीम के पाकिस्‍तान दौरे के दौरान संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) स्‍टार बनकर उभरे. इस दौरे पर टेस्‍ट सीरीज के चार मैचों में मांजरेकर ने 98 से अधिक की औसत से 569 रन बनाए थे. सीरीज के सभी मैच ड्रॉ पर खत्‍म हुए, लेकिन ऐसी कई मुकाबले थे जहां हार के मुहाने पर खड़ी भारतीय टीम को इस दौरे के दौरान संजय मांजरेकर ने बाहर निकाला.

कराची में भारत को संकट से निकाला

कराची टेस्‍ट में भारत को 453 रनों का लक्ष्‍य मिला. पाकिस्‍तान बेहद मजबूत स्थिति में था. भारत की हार निश्चित नजर आ रही थी. मांजरेकर ने नवजोत सिंह सिद्धू के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 213 रन की साझेदारी बनाकर भारत को मुश्किल से निकाला.

लाहौर में जड़ा दोहरा शतक

इसी तरह फैसलाबाद टेस्‍ट की दोनों पारियों में मांजरेकर के बल्‍ले से अर्धशतक निकाला. फिर लाहौर टेस्‍ट में उन्‍होंने दोहरा शतक जड़ा. पहले मोहम्‍मद अजहरुद्दीन के साथ मिलकर 149 और फिर रवि शास्‍त्री के साथ 186 रन की साझेदारी बनाकर मांजरेकर ने भारत को बड़े स्‍कोर तक पहुंचा. इस मैच में उन्‍होंने रन आउट होने तक 218 रन की पारी खेली.