भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाजों में से एक वीवीएस लक्ष्मण का आज जन्मदिन है। बेहद कम लोगों को पता है कि उनका पूरा नाम वंगिपुरप्पु वेंकटा साई लक्ष्मण है। 1 नवंबर 1974 को जन्में दाएं हाथ के बल्लेबाज लक्ष्मण, भारत के पूर्व राष्ट्रपति, डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के भतीजे हैं।े Also Read - ‘सौरव गांगुली के रिटायर होने के बाद ही मुझे मौके मिले’: युवराज सिंह ने किया खुलासा

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वह डेक्कन चार्जर्स टीम (इंडियन प्रीमियर लीग) के कप्तान भी रह चुके हैं। लक्ष्मण को पद्मश्री पुरस्कार एवं भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। Also Read - सचिन तेंदुलकर के साथ प्रतिद्वंद्विता करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाना जरूरी : ब्रेट ली

लक्ष्मण भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन जब कभी उनका नाम जेहन में आता है तो उनकी यादगार पारियों की यादें ताजा हो जाती हैं। यह भी पढ़ें: ट्‍विटर पर वीवीएस लक्ष्मण को फॉलो करते थे डॉ. कलाम

अपने जीवन के 42 बसंत देख चुके लक्ष्मण ने भारतीय क्रिकेट टीम को कई ऐसे मौको में जीत दिलवाई जब भारत की हार लगभग तय हो चुकी थी। लेकिन वो लक्ष्मण ही थे जिन्होने बाजी को पलट दिया और हार के मुहाने पर खड़ी टीम को जीत दिलवाई। उनके जन्मदिन के मौके पर कुछ ऐसी ही विशेष पारियां जिन्होंने इतिहास रच दिया।

भारतीय टीम के बेहद खास बल्लेबाज के खाते में 17 टेस्ट और 6 वनडे शतक हैं। लक्ष्मण ने कुल 134 टेस्ट में 8781 रन और कुल 86 वनडे में 2338 रन बनाए।लक्ष्मण 1996 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू कर चुके थे, लेकिन 2000 में सिडनी के ग्राउंड पर उनकी 167 रनों की पारी ने क्रिकेट की दुनिया में उन्हें पहचान दिलायी।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारत की टीम पहले दो टेस्ट हार चुकी थी। तीसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में भारत को 150 रन पर ऑलआउट करने के बाद अपनी पहली पारी 552/5 पर घोषित की। दूसरी पारी में ओपनिंग करने पहुंचे लक्ष्मण ने ग्लेन मैकग्रा, ब्रेट ली और शेन वॉर्न जैसे दिग्गजों की जमकर धुनाई की। यह भी पढ़ें: सचिन, अमिताभ, भज्जी से लेकर लक्ष्मण को वीरू ने कहा THANK YOU लेकिन धोनी को..

हालांकि भारत ये मैच हार गया लेकिन लक्ष्मण की बैटिंग की ऑस्ट्रेलियाई कप्‍तान स्टीव वॉ ने भी खूब तारिफ की।ऑस्ट्रेलिया ने कोलकाता में पहले टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 445 रन बनाए। जवाब में भारत पहली पारी में 171 रन पर ऑलआउट हुआ और साथ ही फॉलोऑन भी झेलना पड़ा।

स्टीव वॉ की टीम टेस्ट मैचों में ऑस्ट्रेलिया की लगातार 16वीं जीत की पूरी उम्मीद लगाए बैठी थी। लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे वीवीएस ने राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर उनकी उम्मीदों पर बुरी तरह पानी फेर दिया। दोनों ने मिलकर दूसरी पारी में 376 रनों की साझेदारी की। इस तरह भारत ने दूसरी पारी 7 विकेट पर 657 रन पर घोषित की। द्रविड़ और लक्ष्मण की बदौलत ही भारत ने मैच में वापसी की और ऑस्ट्रेलिया के विजय रिकॉर्ड को थामा।

उस वक्त लक्ष्मण की 281 रनों की पारी किसी भारतीय द्वारा टेस्ट मैच में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर था।एडिलेड में खेले गए इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के 556 रनों के जवाब में भारत ने 85 रन पर चार विकेट खो दिए थे। लेकिन 5वें विकेट के लिए राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर लक्ष्मण ने 303 रन जोड़े और भारत को 523 के स्कोर पर पहुंचाया।

दूसरी पारी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 196 रन के स्कोर पर आउट किया। इसके बाद भारतीय टीम ने 233 रनों के जीत के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया। अरसे बाद भारत को विदेश में टेस्ट जीत मिली और सौरभ गांगुली की कप्‍तानी में टीम इंडिया सीरीज में 1-0 से बढ़त भी हासिल की।

सिडनी के मैदान पर खेले गए सीरीज के आखिरी टेस्ट मैच को सचिन तेंदुलकर की शानदार पारी के लिए याद किया जाता है। इस मैच में सचिन ने ऑफ-साइड पर बिना बाउंड्री लगाए नाबाद 241 रन बनाए थे। लेकिन दूसरे छोर पर लक्ष्मण ने सचिन का साथ दिया था।

उस मैच में लक्ष्मण ने 178 रन भी बनाए थे। भारतीय टीम के दो बेहतरीन बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 353 रन बनाए और पारी को विशाल स्कोर 705 रन तक पहुंचाया।2004 में भारत लंबे समय बाद पाकिस्तान के दौरे पर गया था। पांच मैचों की वनडे सीरीज के शुरुआती चारों मैचों में दोनों टीमें 300 के आंकड़े को आसानी से पार कर रही थी।

लाहौर में खेले गए सीरीज के आखिरी और पांचवें मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की पारी लड़खड़ा गई। ऐसे समय में लक्ष्मण ने 107 रनों की पारी खेलकर जैसे-तैसे टीम का स्कोर 293 तक पहुंचाया। भारत ने इस मैच को 40 रनों से जीतकर सीरीज पर 3-2 से फतह हासिल की। साथ ही लक्ष्मण की वनडे मैच में ये शतकीय पारी यादगार बन गई।