नई दिल्ली. पुलवामा आतंकी हादसे से पूरा भारतवर्ष गुस्से में है. पाकिस्तान की शर्मनाक करतूत की न सिर्फ देश में, बल्कि दुनिया के कई अन्य देशों में भी निंदा की जा रही है. दोनों देशों के बीच पसरे इस तनाव से क्रिकेट भी अछूता नहीं है. इसलिए मांग उठ रही है कि भारत क्रिकेट की किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में पाकिस्तान के साथ न खेले. इस संबंध में सबसे पहले क्रिकेटर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान का बॉयकॉट यानी बहिष्कार किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में होने वाले क्रिकेट वर्ल्डकप में भारत, पाकिस्तान के साथ मैच न खेले. हरभजन सिंह की इस मांग के बाद अब पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्री चेतन चौहान ने भी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मांग की है कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC से कहकर पाकिस्तान को विश्वकप से बाहर कराए. चेतन चौहान के अलावा टीम इंडिया के क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने भी पुलवामा हमले को लेकर कहा है कि अब भारत को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.Also Read - ICC Test Championship Points Table (2021-23): शर्मनाक स्थिति में 'क्रिकेट का जनक' इंग्लैंड, एशेज सीरीज जीतकर जानिए किस स्थान पर ऑस्ट्रेलिया?

Also Read - Virat Kohli को दूसरी बार कप्तानी से हटाए जाने का खतरा था... Sunil Gavaskar का बड़ा बयान

आक्रामक कार्रवाई: भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रही पाकिस्तानी युवती को गोली मार जिंदा पकड़ा Also Read - Virat Kohli के नाम Ravichandran Ashwin का ट्वीट, लिखी दिल को छूने वाली बात

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान का मानना है कि बीसीसीआई को आईसीसी पर दबाव बनाकर पाकिस्तान को टूर्नामेंट से बाहर कर देना चाहिए. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री चौहान ने कहा, ‘‘हमारे पास सिर्फ एक मैच में नहीं खेलने का विकल्प नहीं है क्योंकि संभावना है कि हमारा सेमीफाइनल या फाइनल में भी सामना हो सकता है. ऐसे मामले में हमें या तो विश्व कप से हटना होगा या पूरा टूर्नामेंट खेलना होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि भारत आईसीसी के वैश्विक प्रायोजन बाजार का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सेदार है. इसलिए बीसीसीआई को आईसीसी पर दबाव बनाना चाहिए और पाकिस्तान को विश्व कप से बाहर करने का प्रयास करना चाहिए.’’

आपको बता दें कि पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान मारे गए थे जो जम्मू-कश्मीर में पिछले 30 साल में सबसे घातक आतंकी हमला है. पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है जिसके बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. इस बीच मांग उठने लगी है कि भारत को 30 मई से इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर देना चाहिए.

युजवेंद्र चहल ने कहा- सबक सिखाने का समय आ गया है

भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल का मानना है कि पुलवामा जैसे आतंकी हमलों को खत्म करने के लिए देश को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने हालांकि यह कहने से इनकार कर दिया कि पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मैच का बहिष्कार किया जाना चाहिए या नहीं. चहल ने कहा, ‘‘इसे एक बार में ही खत्म कर देना चाहिए. हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हर तीन महीने में सुनने को मिलता है कि हमारे जवानों ने आतंकी हमले में जान गंवा दी और हम चीजों के होने का इंतजार नहीं कर सकते. हमें चीजें करनी होंगी और हमें आमने सामने इसका जवाब देना होगा, फिर चाहे इसका मतलब आर पार की लड़ाई (जंग के मैदान में) क्यों ना हो.’’

वर्ल्डकप में पाकिस्तान से मैच खेलने पर बोले लक्ष्मण- यह वक्त सेना के साथ खड़े होने का है

भारत को विश्व कप के दौरान 16 जून को ओल्ड ट्रैफर्ड में पाकिस्तान से खेलना है. 28 साल के इस लेग स्पिनर ने कहा कि यह फैसला बीसीसीआई को करना है कि भारत को इस टूर्नामेंट में चिर प्रतिद्वंद्वी टीम का बहिष्कार करना चाहिए या नहीं. उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान के खिलाफ विश्व कप मैच खेलने का फैसला बीसीसीआई और सरकार द्वारा लिया जाना चाहिए. एक या दो खिलाड़ी फैसला नहीं कर सकते लेकिन मुझे लगता है कि समय आ गया है और हमें आतंक के सरगनाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी.’’

(इनपुट – एजेंसी)