नई दिल्ली. ब्राजील ने रूस में हो रहे फीफा विश्व कप में बुधवार की देर रात खेले गए ग्रुप ई के अपने अंतिम मुकाबले में सर्बिया को 2-0 से मात दी. स्पार्टक स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में ब्राजील ने शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया. पहले मिनट से लेकर खेल के आखिरी क्षणों तक ब्राजील के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा. फुटबॉल वर्ल्ड कप के इस रोमांचक मैच का लाइव प्रसारण देखते हुए जीन्यूज.कॉम के ओपीनियन एडिटर पीयूष बबेले ने ब्राजील के खेल का विश्लेषण किया है. आप भी पढ़ें. Also Read - माइक पोम्पियो ने भारत सहित पांच देशों के विदेश मंत्रियों से की बात, जानें क्या रहा चर्चा का मुद्दा

ब्राजील ने खेल शुरू होते ही, खेल शुरू कर दिया है. 4 मिनट के भीतर दो हमले हो चुके हैं. खांटी ब्राजीलियन अंदाज में. पहली बार गेंद ब्राजील के खिलाड़ी के पैर से लगकर पलट गई, तो दूसरी बार खाली गोल पोस्ट पर भी ब्राजील गेंद को अंदर नहीं डाल सका. ब्राजील के खिलाड़ी एक बवंडर की तरह घूमते हुए गेंद को अपने साथ ले जा रहे हैं. 24 मिनट में ब्राजील का पूरा हरावल दस्ता सर्बिया के पैनाल्टी एरिया में पहुंच गया. गेंद आखिर में नेमार के पास आई. उन्होंने शानदार किक लगाई. गेंद गोलकीपर के दस्ताने छूते हुए बाहर निकल गई. नेमार ने दोनों हाथ अपने मुंह पर रख लिए. उनकी आंखे खुद को ही देख रही थीं. जो खुद से सवाल कर रहे थे, गुरु यह क्या हो रहा है? Also Read - ब्रजील में नहीं थम रहा कोरोना वायरस, अबतक 87 हजार से अधिक लोगों की हो गई मौत

सर्बिया के खिलाड़ी ने बिजली की गति से दौड़ते नेमार को टांग अड़ा दी है. नेमार 8-10 गुलाटी खा गए हैं. पिछले वर्ल्ड कप की याद आ रही है. तब उन्हें बाकायदा पटक दिया था और उनकी रीढ़ तोड़ दी थी. वह आयुर्वेदिक इलाज कराने केरल आए थे. लेकिन फिलहाल नेमार खड़े हो गए. वह ठीक हैं. वह हमले के लिए तैयार हैं. और गोल हो गया. ब्राजील के खिलाड़ी सर्बिया के 3 खिलाड़ियों से घिरे थे. लेकिन कोई उनकी धूल ना पा सका. गोलकीपर के मुंह के ऊंचाई पर गेंद थी और इतनी ऊंची टांग खींच कर उन्होंने शॉट लगाया. कीपर के सिर के ऊपर से गेंद निकल गई और टप्पा खाकर गोल पोस्ट के जाल में झूलने लगी. ब्राजील ने खाता खोल लिया है. Also Read - ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो को भी हुआ कोरोना, टेस्ट रिपोर्ट आई पॉजिटिव

60वें मिनट के बाद से सर्बिया ने तेवर दिखाने शुरू किए हैं. 5- 7 मिनट के भीतर वे तीन बार गेंद लेकर ब्राजील के गोल पोस्ट तक पहुंच गए हैं. हर हमला बड़ा प्यारा और करीने से सजाया हुआ दिखा. ब्राजील के गोलची के लिए मेहनत बहुत बढ़ गई है. अरे यह क्या सर्बिया हमले कर के थक गया तो ब्राजील फटाफट तरोताजा होकर वापस आ गया 68 मिनट में ब्राजील ने हेडर से गोल कर दिया. सौ सुनार की एक लोहार की.अब मामला ब्राजील के हाथ में है.

अरे अचानक TV बंद हो गई. स्क्रीन पर लिखा है मौसम खराब होने से सिग्नल चले गए. TV को क्या मालूम यह मौसम खराब नहीं हुआ है. मौसम मस्ताना हुआ है. घनघोर घटाएं छा गई हैं. बालकनी में पानी के छींटों की आवाज कान तक आ रही है. पेड़ों पर बौछार और हवा की बयार वह संगीत पैदा कर रही है, जिसके लिए कान कम से कम 15 दिन से तरस रहे थे. आओ मानसून आओ, मैच हम मोबाइल पर देख लेंगे, वहां भी तो जुगाड़ है. मोबाइल पर भी मैच वैसे ही चलता रहा. ब्राजील अपनी पूरी लय में था, अपनी शैली में था, अपने आपे में था. स्कोर तो बहुत नहीं बदला. 2 और 0 ही रहा. लेकिन इतना तय है कि इस वर्ल्ड कप में ब्राजील का सांबा डांस पिछली बार से बेहतर हुआ होगा.

बारिश रुक गई है. लेकिन मिट्टी की सोंधी खुशबू शायद आत्मा तक जा रही है. सब कुदरत का खेल है चाहे बारिश हो या फुटबॉल.