मैच फिक्सिंग के मामले में प्रत्‍यपर्ण के माध्‍यम से लंदन से भारत लाए गए सट्टेबाज संजीव चावला (Sanjeev Chawala) एक के बाद एक नए खुलासे कर रहे हैं. संजीव चावला ने दिल्‍ली पुलिस की जांच में ऐसी-ऐसी बातें बताई हैं जिसे जानकार आप कोरोनावायरस के इस दौर में क्रिकेट से हमेशा के लिए सोशल डिस्‍टेंसिंग बना लें. Also Read - दिल्ली दंगे: 'सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'UAPA को इस तरह से सीमित करने का देशव्यापी असर हो सकता है', तीन छात्र कार्यकर्ताओ को भेजा नोटिस

संजीव चावला वह व्‍यक्ति है जिसने साल 2000 में साउथ अफ्रीका के तत्‍कालीन कप्‍तान हेंसी क्रोनिए (Hansie Cronje) के साथ मिलकर भारत-साउथ अफ्रीका मैच फिक्‍स किया था. दिल्‍ली पुलिस द्वारा दोनों की साठगांठ का खुलासा करने के बाद संजीव चावला लंदन भाग गया था. हेंसी क्रोनिए पर क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने आजीवन बैन लगा दिया था. क्रोनिए की बाद में एक विमान हादसे में मृत्‍यु हो गई थी. Also Read - दिल्ली दंगे: हाईकोर्ट ने निचली अदालत से तीनों छात्रों की रिहाई के मामले पर गौर करने को कहा

जी न्‍यूज के पत्रकार ने संजीव चावला द्वारा दिल्‍ली क्राइम ब्रांच को दिए अपने लिखित बयान की कॉपी पढ़ी है. संजीव चावला ने अपने बयान में दावा किया है कि जो भी क्रिकेट मैच लोग देखते हैं वो सभी फिक्स होते हैं. ये ठीक वैसा ही है जैसे आप किसी और के द्वारा निर्देशित कोई फिल्म देखते हैं. जिसकी पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी होती है. Also Read - Toolkit Case: दिल्‍ली पुलिस ने Twitter India के एमडी से विवादास्‍पद टूलकिट केस में की पूछताछ!

चावला का ये भी कहना है कि इसमें बड़े गिरोह यानी सिंडीकेट और अंडरवर्ल्ड शामिल है. ये सब करने वाले खतरनाक लोग हैं और अगर उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहा तो उनकी हत्या कर दी जाएगी.

संजीव चावला ने ये खुलासा भी किया है कि इस मामले की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच के डीसीपी डॉक्टर जी रामगोपाल की जान को भी इस सिंडीकेट और अंडरवर्ल्ड माफियाओं से खतरा है. डीसीपी गोपाल वही पुलिस अधिकारी हैं जो अपनी टीम के साथ संजीव चावला को लंदन से भारत लेकर आए थे.