कोरोना वायरस के बीच अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शुरू जरूर हो गया लेकिन अब भी कई चुनौतियां बाकी हैं, जिसमें सलाइवा पर लगा बैन सबसे ऊपर है। आईसीसी ने कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए गेंद पर सलाइवा के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है, जिसका सीधा प्रभाव गेंद की स्विंग पर पड़ रहा है। Also Read - England vs Pakistan 1st Test: शान मसूद ने खेली करियर बेस्ट पारी, पाकिस्तान ने पहली पारी में बनाए 326 रन

वहीं पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान (Irfan Pathan) ने यहां तक कह दिया कि कोरोना काल में गेंदबाज रिवर्स स्विंग को भूल जाएं। पठान ने कहा, ‘‘लार मोटी होती है और उससे रिवर्स स्विंग पर ज्यादा असर पड़ता है। कोरोना महामारी के रहने तक लार के इस्तेमाल पर रोक रहेगी और तेज गेंदबाजों की राह मुश्किल होने वाली है।’’ Also Read - भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच Boxing Day Test मेलबर्न की जगह एडिलेड में हो सकता है, ये है वजह

इसके समाधान के बारे में पूछने पर पठान ने कहा, ‘‘बाहरी पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति दें या भूल जाएं कि रिवर्स स्विंग भी कुछ होती है। सीम गेंदबाजी के अनुकूल पिचें बनाएं। आप फिर सीम हिट करो, हरकत होती रहेगी या फिर मैच एकतरफा हो जाएंगे।’’ Also Read - England vs Pakistan 1st Test : पाकिस्तान की आधी टीम पवेलियन लौटी, लंच तक स्कोर 187/5

भारत के एक और पूर्व गेंदबाज आशीष नेहरा (Ashish Nehra) का कहना है कि जेम्स एंडरसन (James Anderson) जिस तरह से शॉर्ट ऑफ लैंग्थ गेंदबाजी कर रहे थे, उससे लगता है कि लार के अभाव में सामान्य स्विंग भी नहीं मिल पा रही।

नेहरा ने पीटीआई से कहा, ‘‘एंडरसन कई बार शॉर्ट ऑफ लैंग्थ गेंद डाल रहे थे जबकि वो ऐसा कभी नहीं करते। ड्यूक गेंद स्विंग ही नहीं ले रही थी क्योंकि लार के बिना चमक नहीं थी। वो अपनी क्षमता का आधा भी प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे।’’

ऑस्ट्रेलिया में कूकाबूरा गेंद कैसे खेलेगी, इस बारे में पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने कहा कि सभी टीमों के गेंदबाजों को दिक्कतें आएंगी। उन्होंने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलियाई पिचें सपाट हैं और कूकाबूरा सीम 20 ओवर बाद खत्म हो जाएगी। ऐसे में लार के बिना रिवर्स स्विंग भी नहीं मिलेगी। भारतीय गेंदबाजों को दोहरे दबाव से निपटने में काफी परेशानी आएगी।’’