ब्राजीलियाई शहर रियो में ओलम्पिक के आयोजन में एक वर्ष का समय रह गया है और टेस्ट इवेंट्स के लिए रियो अभी भी व्यस्त हो गया है। रियो के स्थानीय निवासी फुटबाल के अलावा अन्य खेलों का भी अभ्यास कर रहे हैं और ओलम्पिक पार्क वाले बारा जिले में अभी भी बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहा है। Also Read - कोरोना पॉजिटिव पाए गए क्रिस्टियानो रोनाल्डो, स्पेन और फ्रांस के खिलाफ खेले थे मैच

Also Read - Coronavirus India Updates: कोरोना ने तोड़े सभी रिकॉर्ड- पहली बार 90 हजार से ज्यादा मरीज आए सामने, मौत का आंकड़ा 70 हजार के पार पहुंचा

ब्राजील को पूरी दुनिया में फुटबाल के धुरंधर देश के रूप में जाना जाता है। लेकिन अब ओलम्पिक मेजबान देश के रूप में ब्राजील का लक्ष्य सभी खेलों के प्रतिनिधि देश के रूप में खुद को स्थापित करना है। Also Read - Coronavirus India Updates: थम नहीं रहा कोरोना का कहर, ब्राजील को पछाड़कर दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना भारत

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इससे पूर्व तक ब्राजील फुटबाल पर सर्वाधिक ध्यान देता रहा है। अन्य खेलों के ब्राजीलियाई खिलाड़ी अपने-अपने खेलों में निवेश पर ध्यान न दिए जाने का आरोप लगाते रहे हैं।

ब्राजील के खेल पत्रकार ह्यूगो टोनी का कहना है कि लोगों की पहली पसंद सिर्फ फुटबाल है और अन्य खेलों के मामले में वे सिर्फ बड़े सितारों को याद रखते हैं। यह भी पढ़े –रियो में पहला ओलम्पिक पार्क आयोजन स्थल खुला

ब्राजील के एक अन्य खेल पत्रकार मारियो फर्नाडीज ने भी कहा कि फुटबाल सबसे ऊपर है, वॉलीबॉल दूसरे नंबर पर है, जबकि बास्केटबॉल, तैराकी जैसे अन्य खेल लोकप्रियता के लिए तरस रहे हैं।

रियो को ओलम्पिक की मेजबानी मिलते ही हालांकि स्थितियां बदलने लगीं। 2009 में रियो को ओलम्पिक-2016 की मेजबानी मिलने के बाद से सरकार ने अन्य ओलम्पिक खेलों में अधिक निवेश किया है। 

मेजबान देश अमूमन घरेलू धरती पर बेहतर प्रदर्शन करती हैं। बीजिंग ओलम्पिक-2008 में चीन पदक तालिका में शीर्ष पर रहा था, जबकि लंदन ओलम्पिक-2012 में ब्रिटेन ने शीर्ष स्थान हासिल किया।

ब्राजीलियाई ओलम्पिक समिति ने हालांकि रियो ओलम्पिक में पिछली बार की तुलना में अपने पदकों की संख्या दोगुनी करते हुए शीर्ष-10 में जगह बनाने को अपना लक्ष्य बनाया है। ब्राजील ने लंदन ओलम्पिक में 17 पदक जीता था।यह भी पढ़े –रियो ओलम्पिक के बजट में बढ़ोतरी

एक हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, 67 फीसदी ब्राजीलवासी ओलम्पिक के पक्ष में हैं। पिछले वर्ष ब्राजील की मेजबानी में हुए फीफा विश्व कप की अपेक्षा इस बार हालांकि परिस्थितियां काफी बदली हुई लग रही हैं। फीफा विश्व कप को लेकर ब्राजील में काफी जन विरोध हुए थे।

रियो ओलम्पिक आयोजन समिति के उप मुख्य कार्यकारी लियोनाडरे ग्रायनर ने कहा, “हम इसे लेकर काफी उत्सुक हैं कि ओलम्पिक विरोध की आवाज तो नहीं उठ रही। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। लोग इन खेलों से होने वाले लाभ को समझ चुके हैं।”