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ऑकलैंड: जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी ब्रेंडन टेलर शनिवार को सेडॉन पार्क में जब भारत के खिलाफ आईसीसी विश्व कप-2015 के अपने आखिरी ग्रुप मैच में खेलने उतरेंगे तो जिम्बाब्वे टीम की ओर यह उनका आखिरी मैच भी होगा। टेलर ने नॉटिंघमशायर के साथ कोलपाक समझौते के तहत करार कर लिया है, जिसे इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) की अनुमति मिलनी बाकी है। इस समझौते के लागू रहने तक टेलर जिम्बाब्वे के लिए नहीं खेल सकेंगे।

कोलपाक समझौता यूरोपीय संघ के देशों के साथ दुनिया के शेष हिस्से के खिलाड़ियों के साथ करार करने पर लागू होता है, जिसके अनुसार करार करने वाले खिलाड़ियों को भी यूरोपीय संघ के नागरिकों के समान अधिकार मिल जाता है।

इंग्लिश काउंटी क्लब नॉटिंघमशायर के लिए वह कब तक उपलब्ध हो पाएंगे इसकी पुष्टि विश्व कप के समापन के बाद ही हो पाएगी।

टेलर ने हालांकि नॉटिंघमशायर के साथ तीन वर्ष की करार अवधि समाप्त होने के बाद दोबारा जिम्बाब्वे टीम में लौटने का विकल्प खुला रखा है।

वेबसाइट ‘क्रिकइंफो डॉट कॉम’ ने गुरुवार को टेलर के हवाले से कहा, “यह मेरे करियर का अब तक का सबसे बड़ा फैसला है। वास्तव में यह सबसे बड़ा फैसला है।”

टेलर ने कहा, “मैं जिम्बाब्वे के लिए खेलने को लेकर हमेशा से दीवाना रहा हूं और अभी भी हूं। मैं अपनी पत्नी के साथ विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया। मैं अपने इस निर्णय पर थोड़ा दुखी तो हूं, पर साथ ही मैं इंग्लैंड काउंटी क्रिकेट की एक बेहतरीन टीम के साथ खेलने को लेकर रोमांचित भी हूं।”