टी20 फॉर्मेट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच आईसीसी टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए नए तरीके अपना रही। टेस्ट चैंपियनशिप और पिंक बॉल टेस्ट इसके कुछ सकारात्मक उदाहरण हैं लेकिन टेस्ट क्रिकेट को पांच से घटाकर चार दिन करने के विचार को लेकर अब भी दुनिया भर के क्रिकेट समीक्षकों के बीच बहस छिड़ी हुई है। लेकिन पूर्व दिग्गज ब्रायन लारा (Brian Lara) की इस मुद्दे पर एकदम अलग राय है। Also Read - लॉकडाउन से मिले ब्रेक का इस्तेमाल ऑस्ट्रेलिया दौरे की तैयारी के लिए कर रहे हैं हनुमा विहारी

वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज लारा का कहना है कि उन्हें मैच के दिनों से कोई फर्क नहीं पड़ता, वो केवल नतीजे देखना चाहते हैं। टेस्ट मैच में 400 रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज करने वाले लारा ने ये भी कहा कि डे नाइट टेस्ट आकर्षण का केंद्र रहे लेकिन इस फॉर्मेट को लोकप्रिय बनाने के लिए ये सही तरीका नहीं हैं। Also Read - COVID-19: वर्ल्ड कप हीरो को ICC ने किया सलाम, कोरोनावायरस के खिलाफ छिड़ी जंग में कर रहा ये काम

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लारा ने पीटीआई से कहा, ‘‘टेस्ट क्रिकेट से मैं सिर्फ एक ही चीज चाहता हूं कि हर कोई जो क्रिकेट देखता है कि वो जानता है कि मैच नतीजे के साथ ही समाप्त होगा और यही चीज दिलचस्पी जगाएगी। ये पांच दिवसीय है या चार दिवसीय हो, ये मायने नहीं रखता। अगर हर मैच किसी तरह नतीजे पर खत्म होता है तो मुझे लगता है कि पहले दिन और अंतिम दिन दिलचस्पी जगेगी ही।’’

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पांच दिवसीय क्रिकेट का समर्थन किया है जबकि वो चार दिवसीय क्रिकेट के खिलाफ हैं।