टेस्‍ट क्रिकेट में 400 रन की पारी खेलने वाले वेस्‍टइंडीज के दिग्‍गज बल्‍लेबाज ब्रायन लारा ने साल 1995 से 1998 तक अपने करियर के सबसे बुरे दौर के बारे में खुलकर बात की. ब्रायन लारा का मानना है कि उन्‍हें उस वक्‍त अपनी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर काम करना चाहिए था. उस समय इस बारे में कोई ज्‍यादा सोचता भी नहीं था.

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आईसीसी की वेबसाइट ने ब्रायन लारा ने हवाले से लिखा, “करियर की शुरुआत में 1990 से करीब 1995 तक मेरा करियर काफी शानदार रहा. मुझे नहीं लगता बहुत से लोग 1995 से 1998 तक के मेरे करियर को याद रखना चाहेंगे. उस वक्‍त मैं काफी खराब दौर से गुजर रहा था. मुझ पर दोहरा विश्‍व रिकॉर्ड होने का दबाव था. वेस्‍टइंडीज की टीम का ग्राफ भी उन दिनों नीचे जा रहा था.”

ब्रायन लारा ने आगे कहा, “मुझे अब भी याद है वो वक्‍त. अपने कमरे में जाकर मैं लेटता था. उस वक्‍त काफी निराशाजनक फीलिंग थी. सच में मेंटल हेल्‍थ का मुद्दा सभी खेलों का जरूरी हिस्‍सा है, लेकिन यह अब जाकर सबके सामने आ रहा है.

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ब्रायन लारा ने कहा, “अब खिलाड़ी खड़े होकर मेंटल हेल्‍थ को लेकर खुलकर बात करते हैं. मुझे उस वक्‍त क्रिकेट से हट कर खुद से लड़ने की जरूरत थी ताकि फिर अच्‍छे से वापसी कर पाता.”

उन्‍होंने कहा, “आज के समय में क्रिकेट की दुनिया में मौजूद दबाव आपको मानसिक रूप से थका देता है. ऐसे में मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य एक ऐसी चीज है जिसपर ध्‍यान देते हुए हमें इसपर काम करने की जरूरत है.”