केपटाउन| दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में 72 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बनाई. दूसरी पारी में भारत 135 रनों पर ढेर हो गई. द. अफ्रीका की दूसरी पारी 130 रन पर सिमटी थी. भारत को जीत के लिए 208 रनों का लक्ष्य मिला था. आज दिन भर में कुल 18 विकेट गिरे.भारत की ओर से दूसरी पारी में बल्लेबाजों ने गेंदबाजों की मेहनत पर पूरी तरह पानी फेर दिया था. भारतीय बल्लेबाजों को देखते हुए 208 रनों का लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन भारतीय बल्लेबाज द. अफ्रीकी गेंदबाजों की स्विंग और पेस के आगे बेबस नजर आए. सिर्फ विराट कोहली और आर अश्विन ही ही कुछ टिककर खेल सके. अश्विन ने सर्वाधिक 37 और कोहली ने 28 रन बनाए. Also Read - IPL 2020: युवा ओपनर देवदत्त पडीक्कल बोले-डेब्यू की खबर सुनते ही नवर्स हो गया था

बल्लेबाजों का शर्मनाक प्रदर्शन Also Read - IPL 2020 SRH vs RCB Highlights: कोहली एंड कंपनी ने पिछले 3 सीजन से चले आ रहे पहले मैच की हार के मिथक को तोड़ा

वर्नोन फिलैंडर की अगुवाई वाले आक्रमण के सामने चोटी के बल्लेबाजों के दूसरी पारी में भी शर्मनाक प्रदर्शन के कारण भारत को आज यहां दक्षिण अफ्रीका के हाथों पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में चौथे दिन 72 रन से हार का सामना करना पड़ा. भारतीय गेंदबाजों ने टीम के लिये जीत का मंच सजाया था लेकिन बल्लेबाज नहीं चले. भारत के सामने 208 रन का लक्ष्य था लेकिन उसकी पूरी टीम 42.4 ओवर में 135 रन पर ढेर हो गई, फिलैंडर ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 46 रन देकर छह विकेट लिए.  भारत की तरफ से आठवें नंबर के बल्लेबाज रविचंद्रन अश्विन ने सर्वाधिक 37 रन बनाए. Also Read - IPL 2020: आखिर क्यों विराट कोहली ने ट्विटर पर अपना नाम सिमरनजीत किया, जानिए पूरी डिटेल

बल्लेबाजों की नाकामी से भारतीय गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन भी बेकार चला गया. मोहम्मद शमी (28 रन देकर तीन विकेट) और जसप्रीत बुमराह (39 रन देकर तीन विकेट) ने चौथे दिन पहले सत्र में कहर बरपाया जिससे भारत ने 65 रन के अंदर दक्षिण अफ्रीका के बाकी बचे आठ विकेट निकालकर उसकी पूरी टीम को दूसरी पारी में 130 रन पर ढेर कर दिया. तीसरे दिन का खेल बारिश की भेंट चढ़ने के बाद चौथे दिन 200 रन बने और इस बीच 18 विकेट निकले.

द. अफ्रीकी गेंदबाज पड़े भारी

भारतीय बल्लेबाज पहली पारी में भी नहीं चल पाए थे. हार्दिक पंड्या के 93 रन के बावजूद भारतीय टीम 209 रन पर आउट हो गई. इस तरह से पहली पारी में 286 रन बनाने वाले दक्षिण अफ्रीका ने 77 रन की बढ़त हासिल की थी. दक्षिण अफ्रीका ने इस तरह से तीन मैचों की सीरीज  में 1-0 से बढ़त बनायी। दूसरा टेस्ट मैच 13 जनवरी से सेंचुरियन में खेला जाएगा. भारत के पास दक्षिण अफ्रीकी सरजमीं पर टेस्ट क्रिकेट में अपनी तीसरी जीत दर्ज करने का सुनहरा अवसर था लेकिन टीम के नामी बल्लेबाजों लगातार दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण के सामने घुटने टेक दिए. यह आलम तब था जबकि दक्षिण अफ्रीका अपने मुख्य तेज गेंदबाज डेल स्टेन जो पहली पारी में गेंदबाजी करते समय चोटिल हो गये थे.

लेकिन फिलैंडर, मोर्ने मोर्कल (39 रन देकर दो) और कैगिसो रबादा (41 रन देकर दो) ने स्टेन की कमी नहीं खलने दी औक अपनी तेजी और उछाल लेती गेंदों से भारतीय बल्लेबाजों को गलतियां करने के लिये मजबूर किया. शिखर धवन (16) और मुरली विजय (13) को शुरू से संघर्ष करना पड़ा लेकिन वे लगातार दूसरी पारी में अच्छी शुरूआत देने में नाकाम रहे. भारत ने नौ रन के अंदर दोनों सलामी बल्लेबाजों के अलावा भरोसेमंद चेतेश्वर पुजारा (चार) का विकेट गंवा दिया. कप्तान विराट कोहली (28) और रोहित शर्मा (दस) ने चौथे विकेट के लिये 32 रन जोड़कर कुछ उम्मीद बंधायी लेकिन भारत ने फिर 11 रन के अंदर चार विकेट गंवा दिए.

जीवनदान-रिव्यू से भी नहीं उठाया फायदा

भारत लंच के बाद लक्ष्य का पीछा करने के लिये उतरा. धवन तेजी से रन बनाने के मूड में दिखे जबकि विजय को फिलैंडर के सामने संघर्ष करना पड़ा. विजय को दो बार डीआरएस रिव्यू से जीवनदान मिला लेकिन आठवें ओवर में फिलैंडर की गेंद पर उन्होंने विकेट के पीछे कैच दे दिया. इसके छह गेंद बाद धवन ने पहली पारी की तरह पुल करने के प्रयास में अपना विकेट गंवाया. मोर्कल ने इसके बाद पुजारा को को भी विकेटकीपर क्विटंन डिकाक के हाथों कैच कराया.

कोहली और रोहित जब थोड़ी उम्मीद बंधा रहे थे तब फिलैंडर ड्रिंक्स के बाद छोर बदलकर आये और उन्होंने कोहली को पगबाधा आउट कर दिया. केशव महाराज ने रोहित का आसान कैच छोड़ा लेकिन यह बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा पाया. एक ओवर बाद उन्होंने फिलैंडर की गेंद विकेटों पर खेल दी. पहली पारी के नायक पंड्या (एक) ने इसके बाद रबादा की गेंद पर स्लिप में कैच थमाया. ऋद्धिमान साहा (आठ) को चाय के विश्राम से ठीक पहले रबादा ने पगबाधा आउट किया. अश्विन और भुवनेश्वर कुमार (नाबाद 13) ने इसके बाद आठवें विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी करके भारतीय खेमे में चमत्कार की हल्की उम्मीद जगायी. इन दोनों ने मंझे हुए बल्लेबाज की तरह कुछ अच्छे शॉट लगाये और 78 गेंद तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया.

फिलैंडर ने ऐसे समय में एक ओवर में तीन विकेट लेकर भारतीय पारी का अंत किया. उनकी पहली गेंद पर क्विटंन डिकाक ने अश्विन का बेहतरीन कैच लिया. अपनी तीसरी और चौथी गेंद पर उन्होंने शमी (चार) और बुमराह को स्लिप में कैच कराया. फिलैंडर को मैन ऑफ द मैच चुना गया.