भुवनेश्वर, 11 दिसम्बर | पहले दो मैचों में हार और फिर तीसरे और आखिरी ग्रुप मैच में नीदरलैंड्स पर एतिहासिक जीत दर्ज करने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम गुरुवार को हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम से भिड़ेगी। विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर मौजूद बेल्जियम से पार पाने के लिए नौवें पायदान की भारतीय टीम को निश्चत तौर पर बेहद अप्रत्याशित और उम्दा खेल दिखाना होगा। हाल के प्रदर्शनों को देखकर यह उम्मीद की की जानी चाहिए भारतीय टीम किसी चौंकाउ परिणाम के तहत अपने प्रशंसकों को खुशी मनाने का एक और मौका दे सकती है।

गौरतलब है कि भारत ने मंगलवार को नीदरलैंड्स को कलिंगा स्टेडियम में न केवल 3-2 से हराया बल्कि चैम्पियंस ट्रॉफी में डच टीम पर 18 साल बाद पहली जीत भी हासिल की। टूर्नामेंट के पूल-बी में ओलंपिक चैम्पियन जर्मनी से 0-1 और विश्व कप की कांस्य पदक विजेता टीम अर्जेटीना से 2-4 से मिली हार के बाद नीदरलैंड्स पर मिली यह जीत निश्चत ही टीम के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है।

भारत के कोच रोलांट ओल्टमांस के अनुसार टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ किए गए प्रदर्शन को ही एक बार फिर क्वार्टर फाइनल में दोहराना होगा। ओल्टमांस ने कहा, “चैम्पियंस ट्रॉफी में आठ शीर्ष टीमें हैं। हर मैच आपके सामने एक नई चुनौती रखता है। ऐसे में हमें खुद को साबित करने की जरूरत है। नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच काफी करीबी रहा और मुझे उम्मीद है कि टीम के खिलाड़ी बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में भी वही प्रदर्शन दोहराने में कामयाब होंगे।”

उल्लेखनीय है कि बेल्जियम छह अंकों के साथ पूल-ए में दूसरे स्थान पर रहा जबकि भारत तीन अंकों के साथ तीसरे स्थान से क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर रहा है। वहीं, भारतीय कप्तान सरदार सिंह के अनुसार टीम के प्रदर्शन में लगातार सुधार आ रहा है और बेल्जियम के खिलाफ भी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे। क्वार्टर फाइनल में ही गुरुवार को नीदरलैंड्स और पाकिस्तान तथा अर्जेटीना और आस्ट्रेलिया भी एक दूसरे से भिड़ेंगे। साथ ही इंग्लैंड और जर्मनी भी सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए एक-दूसरे को चुनौती देते नजर आएंगे।