भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्‍लेबाज चेतन चौहान (Chetan Chauhan) का कोरोना वायरस (Covid-19) की चपेट में आने के कारण रविवार दोपहर को गुरुग्राम के मेदांता अस्‍पताल में निधन हो गया. मौजूदा वक्‍त में उत्‍तर प्रदेश के खेल मंत्री चेतन चौहान का क्रिकेटिंग करियर बेहद शानदार रहा, लेकिन एक बात का मलाल उन्‍हें हमेशा रहा. Also Read - मैंने कोहली के प्रदर्शन के लिए उसे दोष कब दिया?; पूर्व कप्तान गावस्कर ने दिया अनुष्का शर्मा को जवाब;

25 सितंबर 1969 तक न्‍यूजीलैंड के भारत दौरे के दौरान टेस्‍ट डेब्‍यू करने वाले चेतन चौहान ने सुनील गावस्‍कर (Sunil Gavaskar) के साथ मिलकर लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट टीम में ओपनर की भूमिका निभाई. Also Read - अनुष्‍का शर्मा को लेकर विवादित बयान पर सुनील गावस्‍कर ने दी सफाई, बोले- मैंने तो सिर्फ…

दोनों ने साथ मिलकर ओपनिंग जोड़ी के तौर पर तीन हजार से ज्‍यादा रन बनाए. इस दौरान गावस्‍कर और चौहान के बीच 12 बार शतकीय साझेदारी बनी. चेतन चौहान साझेदारी में तो शतक जड़ने में कामयाब रहे लेकिन अपने पूरे टेस्‍ट करियर के दौरान वो कभी सैकड़ा नहीं लगा पाए. इस बात का मलाल उन्‍हें जीवन भर रहा. Also Read - सुनील गावस्कर की अनुष्का-विराट पर टिप्पणी से मचा बवाल, एक्ट्रेस ने दिया मुंहतोड़ जवाब

40 मैचों के अपने टेस्‍ट करियर में चेतन चौहान ने 31.57 की औसत से 2,048 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्‍ले से 16 अर्धशतक निकले. चौहान ने अपने टेस्‍ट करियर में सर्वाधिक स्‍कोर ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ 1981 में बनाया. एडिलेड में खेले गए इस मुकाबले में चौहान के बल्‍ले से पहली पारी के दौरान 97 रन निकले. इसके अलावा 1978 में पाकिस्‍तान के खिलाफ लाहौर में खेले गए मुकाबले में चेतन चौहान ने 93 रन की पारी खेली थी.

वनडे क्रिकेट में चेतन चौहान का करियर खास अच्‍छा नहीं रहा. वो महज सात मुकाबले ही खेल पाए. इस दौरान उनके बल्‍ले से कुल 153 रन निकले.