नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गयी भारतीय टीम तीन जनवरी से शुरू हो रही चौथे टेस्ट मैच के बाद अगले छह महीने तक कोई टेस्ट नहीं खेलेगी और ऐसे बीसीसीआई अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे टेस्ट विशेषज्ञों के लिए आगे का प्लान तैयार कर रहा. ऐसी संभावना है कि भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ सीनियर खिलाड़ी इंग्लैंड लॉयन्स (इंग्लैंड की ए टीम) के खिलाफ खेलेंगे. इंग्लैंड लॉयन्स की टीम जनवरी के आखिरी में भारत का दौरा करेगी.

ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टीम का अगला टेस्ट मैच जुलाई 2019 में वेस्टइंडीज के साथ है. दो मैचों की यह सीरीज विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का हिस्सा है. जनवरी के अंतिम सप्ताह में रणजी ट्रॉफी खत्म होने के बाद पुजारा और रहाणे के पास ज्यादा कुछ करने को नहीं होगा.

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बीसीसीआई के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा, ‘‘तेज गेंदबाजों के साथ कार्यभार प्रबंधन एक अलग मामला है लेकिन कुछ टेस्ट विशेषज्ञ इंग्लैंड लॉयन्स के खिलाफ खेल सकते हैं. इंग्लैंड लॉयन्स की टीम यहां पूरी सीरीज के लिए आ रही है. टीम यहां चार टेस्ट के अलावा लिस्ट ए और टी20 मैच भी खेलेगी.’’

यह पता चला है कि चयनकर्ता टेस्ट टीम के लिए पुजारा, रहाणे और पृथ्वी शॉ के नामों पर विचार कर सकते हैं. पुजारा सौराष्ट्र की टीम की ओर से रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मुकाबले में खेल सकते हैं. टीम 25 अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर है जिसका नॉकआउट चरण में पहुंचना लगभग तय है. जबकि मुंबई के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की संभावना कम है. रहाणे को इसके बाद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी और राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल में खेलना है.

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रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के अभियान के खत्म होने के बाद पुजारा के पास क्रिकेट से जुड़ा कोई काम नहीं होगा. वह किसी आईपीएल टीम का हिस्सा नहीं है और आईपीएल नीलामी के खत्म होने के बाद सैयद मुश्ताक अली ट्राफी का महत्व ज्यादा नहीं रहेगा. अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि पुजारा को कुछ साबित करने की जरूरत है लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि उनके और रहाणे के प्रतिस्पर्धी मैच खेलने से कोई नुकसान नहीं होगा.’