नई दिल्ली. एडिलेड टेस्ट में टीम इंडिया ड्राइविंग सीट पर है तो इसके हकदार हैं चेतेश्वर पुजारा, जिन्होंने मैच में कुल 194 रन बनाए. पुजारा ने पहली पारी में 246 गेंदों का सामना करते हुए 123 रन की पारी खेली तो वहीं दूसरी पारी में 204 गेंद खेलकर 71 रन बनाए और ऐसा करते हुए विराट कोहली के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. Also Read - घर लौटकर T Natarajan ने बताया वो कब हो गए थे नर्वस, टेस्‍ट सीरीज जीत में निभाई अहम भूमिका

पुजारा ने विराट का रिकॉर्ड तोड़ा Also Read - Virat Kohli को छोड़ देनी चाहिए टेस्ट टीम की कमान, Ajinkya Rahane हैं तैयार: बिशन सिंह बेदी

हम ऐसा क्यों कह रहे हैं अब जरा वो समझिए. दरअसल, एडिलेड टेस्ट में पुजारा ने दोनों पारियों को मिलाकर कुल 450 गेंदों का सामना किया, जो कि एक रिकॉर्ड है. यहां तक कि पुजारा ने खुद भारत के बाहर इससे पहले एक टेस्ट में इससे ज्यादा गेंदों का सामना कभी नहीं किया. एडिलेड में इससे पहले एक टेस्ट में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था. विराट ने 2014 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड में अपनी दोनों पारियों को मिलाकर कुल 359 गेंदों का सामना किया था. Also Read - ऋद्धिमान साहा को यकीन- समय के साथ बेहतर होगी रिषभ पंत की विकेटकीपिंग

सचिन के रिकॉर्ड से चूके

बहरहाल, पुजारा ने विराट कोहली का रिकॉर्ड तो तोड़ दिया पर वो ऑस्ट्रेलियाई धरती पर सचिन तेंदुलकर के बनाए रिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए. एडिलेड में पुजारा ने 450 गेंदे खेली, पर सचिन ने 2004 के सिडनी टेस्ट में 524 गेंदों का सामना किया था, जो कि एक भारतीय रिकॉर्ड है.

द्रविड़ की बराबरी करने से चूक गए

एडिलेड में पहली पारी में शतक जमाने के बाद पुजारा जिस सूझ-बूझ के साथ खेल रहे थे उसे देखकर दूसरी पारी में लोगों को उनसे द्रविड़ के करिश्मे को दोहराने की उम्मीद थी. भारत ने साल 2003 में आखिरी बार जब एडिलेड में टेस्ट जीता था तब उस टेस्ट की दोनों पारियों में द्रविड़ ने शतक ठोका था. 15 साल बाद भारत की नई दीवार पुजारा भी कुछ उसी तेवर में नजर आ रहे थे लेकिन दूसरी पारी में वो  71 रन पर नाथन लियॉन का शिकार बन गए.